close
LIVE UPDATE

झारखंड- 5 कर्मचारी बर्खास्त: छात्राओं के बीमार होने के मामले में बड़ा एक्शन, 5 कर्मचारियों की बर्खास्तगी के बाद दो अफसरों पर भी गिरी गाज

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय खरौंधी में लापरवाही उजागर, हैंडपंप पर ताला और वॉर्डन की गैरहाजिरी बनी कार्रवाई की वजह; बीईईओ-बीपीओ से भी मांगा जवाब

गढ़वा। स्कूली छात्राओं के बीमार होने के मामले में एक्शन जारी है। अब तक 5 कर्मचारी बर्खास्त हो चुके हैं, जबकि कुछ और अधिकारियों पर गाज गिरने वाली है। दरअसल कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, खरौंधी में 26 जून की रात 100 छात्राओं के एक साथ बीमार पड़ने के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा के निर्देश पर हुई जांच में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद सोमवार को विद्यालय की वॉर्डन समेत पांच संविदाकर्मियों की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई।

BEEO व BPO पर भी गिरी गाज

इसके साथ ही प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (BEEO) और प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (BPO) से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है तथा जवाब मिलने तक उनके वेतन पर रोक लगा दी गई है।जिला प्रशासन ने इस मामले को छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कार्रवाई की है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

इन पांच कर्मियों की सेवा समाप्त

जारी आदेश के अनुसार जिन संविदाकर्मियों को हटाया गया है, उनमें—
• वॉर्डन-सह-शिक्षिका लक्ष्मी देवी
• सामाजिक विज्ञान शिक्षिका अलका तिवारी
• विज्ञान शिक्षिका कोमल कुमारी
• लेखापाल-सह-कंप्यूटर ऑपरेटर सोनम रानी
• रसोइया कमला देवी शामिल हैं।

जांच में सामने आई चौंकाने वाली लापरवाही

अनुमंडल पदाधिकारी (श्री बंशीधर नगर) और जिला शिक्षा अधीक्षक की संयुक्त जांच रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के समय विद्यालय की वॉर्डन लक्ष्मी देवी बिना अनुमति के अनुपस्थित थीं, जबकि रसोइया कमला देवी ने विद्यालय परिसर के हैंडपंप में ताला लगा रखा था, जिससे छात्राओं को पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधा भी उपलब्ध नहीं हो सकी।प्रशासन का मानना है कि जिम्मेदार कर्मियों की लापरवाही और अव्यवस्था के कारण ही इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं की तबीयत बिगड़ी।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

स्पष्टीकरण नहीं देने पर गिरी गाज

घटना के अगले दिन जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी संबंधित कर्मियों से 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा था।निर्धारित समय सीमा में केवल लेखापाल सोनम रानी ने जवाब दिया, जिसे असंतोषजनक माना गया। वहीं अन्य कर्मियों ने कोई जवाब ही प्रस्तुत नहीं किया। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए उपायुक्त ने सभी के विरुद्ध सेवा समाप्ति की कार्रवाई कर दी।

अधिकारियों से भी मांगा जवाब

जांच के दायरे में आए प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (BEEO) और प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (BPO) से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। जब तक उनका जवाब नहीं आता, तब तक उनके वेतन भुगतान पर रोक लगाने का आदेश दिया गया है।उपायुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि विद्यालय में पढ़ाई प्रभावित न हो। डीसी ने स्पष्ट कहा है कि बच्चों की सुरक्षा और विद्यालयों में अनुशासन से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। भविष्य में ऐसी लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *