CHC गोविंदपुर के प्रभारी का बड़ा कमाल: वेतन गड़बड़ी के विवादों में घिरे BDM को दिया इनाम, बना दिया लेखा प्रभारी, उठे सवाल
Questionable move by the CHC Govindpur in-charge: BDM, embroiled in salary-related irregularities, rewarded with the role of Accounts In-charge; move sparks controversy.

धनबाद: गोविंदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में एक बार फिर प्रशासनिक निर्णय को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। जिस ब्लॉक डाटा मैनेजर (BDM) संजय कुमार पर पहले वेतन लेने में कथित गड़बड़ी और अनियमितता के आरोप लगे थे, उसी कर्मचारी को लेखा प्रभारी की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि गड़बड़ी का पता चलने के बावजूद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी इस कर्मी पर मेहरबान क्यों हैं?
बताया जा रहा है कि वेतन संबंधी गड़बड़ी के मामले को लेकर पहले भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों तक शिकायत पहुंची थी। आरोप था कि वेतन भुगतान में अनियमितता बरती गई, जिसके बाद मामले ने काफी चर्चा बटोरी थी। अब उसी कर्मी को वित्तीय जिम्मेदारी वाला महत्वपूर्ण पद दिए जाने से कर्मचारियों के बीच कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
क्या है मामला
राज्य भर में एक ओर वेतन घोटाले की जांच चल रही है उसी बीच CHC गोविंदपुर में मनमाने तरीके से कर्मियों ने अपने वेतन में अप्रत्याशित वृद्धि कर लिए। जबकि CHC गोविंदपुर में कार्यरत ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (BPM), ब्लॉक एकाउंट मैनेजर (BAM), प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (MOIC) के आपसी सहमति के बाद ही किसी भी कर्मी और अधिकारी के वेतन की निकासी होती है। वेतन भुगतान में गड़बड़ी कैसे हुई ये जांच का विषय है।
संस्थान में कार्यरत कई स्वास्थ्य कर्मी और चिकित्सक है जिनका भुगतान सामूहिक रूप से होता है जिनकी भुगतान सीट तैयार की जाती है वहीं संस्थान में कार्यरत ब्लॉक डाटा मैनेजर( BDM), ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (BPM), ब्लॉक एकाउंट मैनेजर(BAM) की भुगतान सीट अलग से तैयार से की जाती है, आशंका जताई जा रही है कि इसी का फायदा उठाते हुए मनमाने तरीके से कर्मी अपने वेतन में गड़बड़ी की।
मालूम हो कि विभाग ने पूर्व के ब्लॉक एकाउंट मैनेजर (BAM) अमित कुमार, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर(BPM) प्रमोद कुमार का स्थानांतरण जुलाई 2025 में देवघर जिला के पालोजोरी प्रखंड में कर दिया गया था। ऐसे में संभव है अन्य कर्मी भी मनमाने तरीके से वेतन बढ़ोतरी कर भुगतान वेतन भुगतान ले रहे होंगे। जिसकी जांच आवश्यक है।
हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस नियुक्ति को लेकर अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। यदि विभाग का पक्ष सामने आता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
(नोट: यह समाचार उपलब्ध आरोपों और स्थानीय स्तर पर उठे सवालों पर आधारित है। संबंधित अधिकारी या विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी शामिल किया जाएगा।)









