सैलरी के लिए स्वास्थ्यकर्मियों का प्रदर्शन: बिना वेतन बीती दुर्गापूजा, स्वास्थ्यकर्मियों का गुस्सा भड़का; अनिश्चितकालीन हड़ताल, पारा मेडिकल एसोसिएशन ने दी चेतावनी

दुमका: बिना वेतन काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों का गुस्सा भड़क उठा। झारखंड के दुमका जिले में कई महीनों से वेतन नहीं मिलने से स्वास्थ्यकर्मियों का गुस्सा अब फूट पड़ा है। दुर्गापूजा भी बिना वेतन के बीतने से नाराज आउटसोर्सिंग कर्मियों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। गोपीकांदर, काठीकुंड, सरैयाहाट और दुमका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत ANM, GNM, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट और सफाईकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मियों का कहना है कि जब तक उनके खाते में बकाया वेतन की पूरी राशि नहीं पहुंच जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
दुर्गापूजा भी बिना वेतन गुजरी, परिवार चलाना मुश्किल
स्वास्थ्यकर्मियों के मुताबिक, कई-कई महीनों से मानदेय नहीं मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है। त्योहार के दौरान भी वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों में नाराजगी और बढ़ गई है। कर्मियों का कहना है कि घर का खर्च चलाना, बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे कर्मचारियों ने इसे अपने साथ हो रहा गंभीर अन्याय बताया है।
चार कंपनियों के कर्मियों का छह से दस महीने का वेतन बकाया
जिले में अलग-अलग आउटसोर्सिंग कंपनियों के माध्यम से नियुक्त स्वास्थ्यकर्मियों के वेतन भुगतान की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। कर्मचारियों के अनुसार, बिरसा सिक्योरिटी के कर्मियों का नौ महीने, शिवा प्रोटेक्शन एजेंसी के कर्मियों का दस महीने, कमांडो सिक्योरिटी एजेंसी के कर्मियों का छह महीने और बीएमआर (BMR) कंपनी के कर्मियों का आठ महीने का वेतन बकाया है।कर्मियों का आरोप है कि लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के बावजूद संबंधित कंपनियों और जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। इससे कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
चार महीने का फंड मिलने के बावजूद भुगतान नहीं होने का आरोप
आंदोलन कर रहे कर्मचारियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि उच्च स्तर से स्वास्थ्य केंद्रों को चार महीने का फंड प्राप्त होने के बावजूद बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। कर्मियों ने सवाल उठाया है कि जब फंड उपलब्ध है, तो उनके वेतन का भुगतान आखिर क्यों रोका गया है?हालांकि, फंड की उपलब्धता और भुगतान में देरी को लेकर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
रामबृष्ध महतो और राजू कुमार महतो के नेतृत्व में आंदोलन
पैरामेडिकल एसोसिएशन के प्रमुख रामबृष्ध महतो और राजू कुमार महतो के नेतृत्व में स्वास्थ्यकर्मियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है। उनका स्पष्ट कहना है कि केवल आश्वासन से अब काम नहीं चलेगा। सभी बकाया राशि का भुगतान कर्मचारियों के बैंक खातों में होने के बाद ही आंदोलन समाप्त करने पर विचार किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है असर
चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के आउटसोर्सिंग कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है। ANM, GNM, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट और सफाईकर्मियों की अनुपस्थिति से मरीजों को परेशानी हो सकती है। ऐसे में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सामने कर्मचारियों के बकाया वेतन का समाधान करने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने की चुनौती है।












