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अच्छी खबर: बीमा पॉलिसी हो गयी है लैप्स, फिर से करा सकते हैं एक्टिव, जानिये क्या करना होगा काम

डाक जीवन बीमा पॉलिसी पुनर्जीवन,डाक विभाग ने पीएलआई और आरपीएलआई की बंद पॉलिसियों को फिर से सक्रिय करने की सुविधा शुरू की है। पॉलिसीधारक अब नजदीकी डाकघर में प्रक्रिया पूरी कर दोबारा बीमा सुरक्षा का लाभ ले सकते हैं। PLI-RPLI पॉलिसीधारकों को राहत: अब बंद बीमा पॉलिसी फिर से कराएं चालू

नई दिल्ली । यदि आपकी डाक जीवन बीमा (पीएलआई) या ग्रामीण डाक जीवन बीमा (आरपीएलआई) पॉलिसी किसी कारणवश बंद हो गई है, तो अब उसे फिर से सक्रिय कराने का मौका है। भारतीय डाक विभाग ने ऐसे पॉलिसीधारकों को राहत देते हुए लेप्स (निष्क्रिय) पॉलिसियों के पुनर्जीवन की विशेष सुविधा उपलब्ध कराई है, ताकि वे दोबारा बीमा सुरक्षा के दायरे में आ सकें और अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित बना सकें।

डाक विभाग के अनुसार कई बार आर्थिक या अन्य कारणों से प्रीमियम जमा नहीं हो पाता, जिसके चलते पॉलिसियां निष्क्रिय हो जाती हैं। ऐसी स्थिति में वर्षों से जमा की गई बचत और बीमा सुरक्षा प्रभावित होती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए विभाग ने पॉलिसीधारकों को अपनी लेप्स पॉलिसियों को पुनः सक्रिय कराने का अवसर प्रदान किया है।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, डाक जीवन बीमा अधिनियम-2011 के प्रावधानों के तहत लेप्स पॉलिसियों का पुनर्जीवन किया जा सकता है। इसके लिए पॉलिसीधारकों को अपने अच्छे स्वास्थ्य का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। विभाग ने सभी संबंधित ग्राहकों से अपील की है कि वे अपने निकटतम डाकघर में संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें और अपनी पॉलिसियों को पुनः चालू कराएं।

डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा योजनाएं लंबे समय से भरोसे और सुरक्षा का पर्याय मानी जाती रही हैं। भारत सरकार की गारंटी के साथ संचालित इन योजनाओं में अपेक्षाकृत कम प्रीमियम पर अधिक बोनस का लाभ मिलता है। इसके अलावा आयकर छूट, ऋण सुविधा, नामांकन और सरेंडर जैसी कई सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, जो इन्हें आम लोगों के लिए आकर्षक बनाती हैं।

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डिजिटल इंडिया अभियान के अनुरूप डाक विभाग ने प्रीमियम भुगतान की प्रक्रिया को भी बेहद आसान बना दिया है। पॉलिसीधारक यूपीआई, क्यूआर कोड, पेटीएम, फोनपे, गूगल पे, भीम यूपीआई, बैंक खातों और डाकघर खातों के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं। साथ ही देश के किसी भी डाकघर में जाकर प्रीमियम जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जीवन बीमा केवल एक वित्तीय निवेश नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार है। ऐसे में निष्क्रिय पॉलिसियों को पुनर्जीवित कराना भविष्य की अनिश्चितताओं से बचाव का महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

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डाक विभाग ने सभी पॉलिसीधारकों से नियमित रूप से प्रीमियम जमा करने और अपनी पॉलिसियों को सक्रिय बनाए रखने की अपील की है, ताकि वे बेहतर रिटर्न के साथ बीमा सुरक्षा का निरंतर लाभ प्राप्त कर सकें। अधिक जानकारी के लिए ग्राहक अपने समीपस्थ डाकघर में संपर्क कर सकते हैं।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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