बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन को फिर क्यों दी चेतावनी ? कहा, “कहीं जांच की आंच आप तक ना पहुंच जाये”
Why did Babulal Marandi again warn Hemant Soren? He said, "Don't let the heat of the investigation reach you."

झारखंड के पाकुड़ जिले में पत्थरों की कथित अवैध तस्करी को लेकर राजनीति तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया के जरिए गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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रांची। झारखंड की सियासत में एक बार फिर अवैध खनन और तस्करी का मुद्दा जोर पकड़ता दिख रहा है। पाकुड़ जिले में पत्थरों की कथित अवैध ढुलाई को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए इस पूरे मामले को उजागर किया और मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
बाबूलाल मरांडी ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया है कि पाकुड़ जिले में फर्जी चालान के माध्यम से पत्थरों की बड़े पैमाने पर अवैध ढुलाई की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के जरिए यहां का पत्थर पड़ोसी राज्यों बिहार और पश्चिम बंगाल तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रारंभिक जांच में यूसुफ और सरीफ नाम के व्यक्तियों की भूमिका सामने आई है, जो इस अवैध कारोबार से जुड़े बताए जा रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने इस पूरे मामले को सिर्फ स्थानीय स्तर की गड़बड़ी नहीं, बल्कि एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा बताया। उन्होंने आशंका जताई कि इस तस्करी के खेल में पत्थर माफियाओं के साथ-साथ पुलिस प्रशासन के कुछ बड़े अधिकारी और सत्ता के संरक्षण से भी इंकार नहीं किया जा सकता। उनके इस बयान से राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
मरांडी ने अवैध खनन के दुष्परिणामों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से न केवल राज्य के राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि पर्यावरण पर भी गंभीर असर पड़ रहा है। अनियंत्रित खनन से प्राकृतिक संसाधनों का तेजी से दोहन हो रहा है, जिसका खामियाजा आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ सकता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सीधे संबोधित करते हुए चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मुद्दा भी साहिबगंज पत्थर घोटाले की तरह बड़ा रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि जांच की आंच कहीं मुख्यमंत्री तक न पहुंच जाए, इसलिए सरकार को तुरंत सतर्क होना चाहिए।
मरांडी ने मांग की कि पाकुड़ में अवैध खनन और परिवहन को रोकने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया जाए। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।









