शिक्षक TET ब्रेकिंग: टेट अनिवार्यता पर आज देशभर के शिक्षकों की सुप्रीम कोर्ट पर नजर, आज आ सकता है बड़ा आदेश, फैसला पूरे देश के शिक्षकों को…
Teacher TET Breaking: Teachers from across the country are looking at the Supreme Court today regarding the TET requirement, a big order may come today, the decision will benefit teachers across the country...

RTI लागू होने से पहले नियुक्त प्राथमिक शिक्षकों के लिए टेट अनिवार्यता के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर आज अहम निर्णय आ सकता है। देशभर के शिक्षक और राज्य सरकारें इस फैसले का इंतजार कर रही हैं।
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रांची/28.4.26। देश भर के लाखों प्राथमिक शिक्षकों की नजरें इस समय Supreme Court of India पर टिकी हुई हैं। मामला उन शिक्षकों से जुड़ा है, जो Right to Education Act, 2009 (आरटीई) लागू होने से पहले नियुक्त हुए थे। सुप्रीम कोर्ट द्वारा टेट (शिक्षक पात्रता परीक्षा) को अनिवार्य किए जाने के आदेश के खिलाफ दाखिल पुनर्विचार याचिकाओं पर मंगलवार को महत्वपूर्ण निर्णय आने की संभावना जताई जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले वर्ष एक अहम फैसले में यह स्पष्ट किया था कि आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त प्राथमिक शिक्षकों के लिए भी टेट पास करना जरूरी होगा, खासकर उन शिक्षकों के लिए जिनकी सेवा अवधि पांच वर्ष से अधिक बची है। कोर्ट ने ऐसे शिक्षकों को टेट उत्तीर्ण करने के लिए दो वर्षों का समय दिया था। साथ ही यह भी कहा गया था कि निर्धारित अवधि में टेट पास नहीं करने पर राज्य सरकारें संबंधित शिक्षकों को सेवा से हटा सकती हैं।
पुनर्विचार याचिकाओं पर आज हो सकता है फैसला
आपको बता दें कि इस आदेश के खिलाफ देशभर से कुल 40 पुनर्विचार याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई हैं। इन याचिकाओं में कई राज्य सरकारें भी शामिल हैं, जैसे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल, मेघालय और ओडिशा। झारखंड की ओर से Akhil Jharkhand Primary Teachers Association ने याचिका दायर की है।
जानकारी के मुताबिक, पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई की प्रक्रिया सामान्य सुनवाई से अलग होती है। इसमें न्यायाधीश अपने चेंबर में याचिका में प्रस्तुत तथ्यों का अध्ययन करते हैं और तय करते हैं कि पूर्व आदेश को बरकरार रखा जाए या मामले की विस्तृत सुनवाई की जाए। इस प्रक्रिया में याचिकाकर्ताओं के वकीलों को प्रारंभिक स्तर पर पक्ष रखने का अवसर नहीं मिलता। यदि कोर्ट को लगता है कि मामले में सुनवाई जरूरी है, तभी आगे विस्तृत बहस की अनुमति दी जाती है।
शिक्षकों में बढ़ी चिंता
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद देशभर के प्राथमिक शिक्षकों में चिंता का माहौल है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि जो शिक्षक वर्षों से सेवा दे रहे हैं, उनके लिए अब टेट अनिवार्य करना न्यायसंगत नहीं है। उनका तर्क है कि नियुक्ति के समय ऐसी कोई शर्त नहीं थी, इसलिए बाद में इसे लागू करना व्यावहारिक नहीं है।
इसके अलावा, कई शिक्षक संगठनों ने यह भी कहा है कि उम्र और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण अब टेट जैसी परीक्षा पास करना उनके लिए कठिन हो सकता है। इसलिए इस आदेश में राहत देने की मांग की जा रही है।
झारखंड में भी बड़ा असर
झारखंड में भी इस फैसले का व्यापक असर देखने को मिल सकता है। यहां बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक कार्यरत हैं, जो आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त हुए थे। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का फैसला उनके भविष्य और सेवा सुरक्षा को सीधे प्रभावित करेगा।यह मामला केवल शिक्षकों के रोजगार से जुड़ा नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता से भी जुड़ा हुआ है। एक तरफ सरकार और कोर्ट बेहतर शिक्षा के लिए योग्य शिक्षकों की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षक संगठन अनुभव और सेवा को भी महत्वपूर्ण मान रहे हैं।









