झारखंड में बारिश अलर्ट : भीषण गरमी से मिलने वाली राहत, राजधानी रांची सहित इन जिलों में होगी आंधी-तूफान के बार बारिश, कई जगहों पर ओले भी बरसेंगे…
Rain alert in Jharkhand: Relief from the scorching heat, rain followed by thunderstorms will occur in these districts, including the capital Ranchi, and hailstorms will also occur in many places...

Jharkhand Weather Update : झारखंड में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। आज से राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। झारखंड मौसम विभाग ने राजधानी रांची समेत कई जिलों में तेज हवाओं, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। इस बदलाव से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग के मुताबिक झारखंड में 2 मई तक मौसम में बदलाव रहेगा। कई जिलों में तेज हवाएं, बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात की संभावना को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिससे तापमान में 3-5 डिग्री तक गिरावट आ सकती है।मौसम केंद्र के अनुसार, 27 अप्रैल से राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलना शुरू हो जाएगा।
इस दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। वहीं, 2 मई तक कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मेघ गर्जन और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।रांची का अधिकतम तापमान करीब 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पलामू राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां पारा 44.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
इसके अलावा सरायकेला में 42.5, पूर्वी सिंहभूम में 41.9 और गुमला में 40.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं बोकारो में 35.2 और जमशेदपुर में 37.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा, जबकि संताल परगना के जिलों में तापमान अपेक्षाकृत कम, करीब 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने 27 अप्रैल के लिए संताल परगना क्षेत्र के साथ-साथ रांची, बोकारो और हजारीबाग में ओलावृष्टि, मेघ गर्जन और 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। इसके अलावा वज्रपात को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है।
28 और 29 अप्रैल को भी रांची और कोल्हान क्षेत्र में इसी तरह के मौसम की स्थिति बनी रहेगी। 30 अप्रैल को पूरे झारखंड में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और वज्रपात की संभावना है। वहीं 1 और 2 मई को भी मौसम का यही रुख जारी रहने का अनुमान है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से जहां एक ओर तापमान में गिरावट आएगी, वहीं दूसरी ओर किसानों और आम लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है, खासकर वज्रपात और तेज हवाओं के दौरान।









