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झारखंड के वेतन घोटाले की पूरी कहानी: 2175 कर्मचारियों की उम्र में 1 दिन से 40 साल तक की हेराफेरी, ज्वाइनिंग डेट व पोस्टिंग में भी खेला, खुलासे पर इंप्लाइज मास्टर डेटा ही गायब

The full story of the Jharkhand salary scam: 2,175 employees' ages were manipulated, ranging from one day to 40 years, and joining dates and postings were also manipulated. Upon disclosure, the employee master data disappeared.

Jharkhand Salary Scam/27.4.26: झारखंड के वेतन घोटाले की जो खबरें आयी है, उसमें एक से बढ़कर खुलासे हुए हैं। खुलासा हुआ है कि सरकारी कर्मचारियों के बेहद संवेदनशील “इंप्लाइज मास्टर डेटा” में छेड़छाड़ कर न केवल करोड़ों रुपये की अवैध निकासी की गई, बल्कि हजारों कर्मचारियों की सेवा अवधि भी बढ़ा दी गई।

इस पूरे मामले को महालेखाकार ने ‘अत्यंत गंभीर’ और ‘असाधारण’ बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की सिफारिश की है।बोकारो में सरकारी डेटा से छेड़छाड़ कर 16 करोड़ रुपये की अवैध निकासी और हजारों कर्मचारियों की उम्र व ज्वाइनिंग डेट बदलने का बड़ा घोटाला सामने आया है। महालेखाकार ने इसे गंभीर बताते हुए जांच की अनुशंसा की है।

जानिए कैसे हुआ पूरा वेतन घोटाला

घोटाले का सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब जांच एजेंसियों ने सरकारी भुगतान प्रणाली में असामान्य गतिविधियां देखीं। जांच में सामने आया कि बोकारो एसपी के नाम से एक बैंक खाते का इस्तेमाल कर करीब 15.98 करोड़ रुपये की निकासी की गई।मई 2017 से नवंबर 2025 के बीच कुल 271 ट्रांजेक्शन के जरिए यह राशि अलग-अलग मदों में निकाली गई। इसमें—
• यात्रा भत्ता (TA) के नाम पर: 12.48 करोड़ रुपये
• जीएसटी भुगतान के नाम पर: 2.71 करोड़ रुपये
• वन कार्य के नाम पर: 63 लाख रुपये

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस एक खाते को 14 अलग-अलग जीपीएफ (GPF) नंबरों से जोड़ा गया था, जिनमें से 13 नंबर अन्य कर्मचारियों के थे। इससे यह स्पष्ट होता है कि घोटाले को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया।घोटाले के सुराग मिटाने के लिए जनवरी 2026 में इस खाते को मास्टर डेटा बेस से ही डिलीट कर दिया गया, जिससे जांच को भटकाने की कोशिश की गई।

2175 कर्मचारियों की उम्र में हेरफेर

जांच में केवल पैसों की हेराफेरी ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों की जन्म तिथि में भी बड़े पैमाने पर बदलाव सामने आए। जनवरी 2023 और जनवरी 2026 के डेटा की तुलना करने पर पाया गया कि—
• कुल 2175 कर्मचारियों की जन्म तिथि बदली गई
• 1072 मामलों में उम्र को 1 दिन से लेकर 40 साल तक कम कर दिया गया
• 1103 मामलों में जन्म तिथि को आगे बढ़ाया गया
इसका सीधा मकसद था—कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति को टालकर उन्हें लंबे समय तक सेवा में बनाए रखना।

ज्वाइनिंग डेट और पदस्थापना में भी खेल

घोटाले का दायरा और भी बड़ा तब सामने आया जब ज्वाइनिंग डेट में छेड़छाड़ का खुलासा हुआ। रिपोर्ट के अनुसार—
• 5037 मामलों में ज्वाइनिंग डेट बदली गई
• 2215 कर्मचारियों की नियुक्ति तिथि 1 दिन से लेकर 38 साल तक पीछे कर दी गई
• 572 मामलों में जन्म तिथि और ज्वाइनिंग डेट दोनों में बदलाव किया गया
यह दर्शाता है कि पूरा सिस्टम अंदर से प्रभावित किया गया था।

सिस्टम की सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल

महालेखाकार की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी कर्मचारियों का पूरा डेटा इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम में सुरक्षित रहता है। इस सिस्टम में जन्म तिथि, पदोन्नति, वेतन और सेवा से जुड़ी हर जानकारी दर्ज होती है।ऐसे में इतने बड़े स्तर पर डेटा में बदलाव होना न केवल भ्रष्टाचार की गहरी जड़ें दिखाता है, बल्कि सिस्टम की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं।
  • ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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