झारखंड में “ज्योति मौर्या” जैसा कांड: प्रेमी ने मजदूरी कर प्रेमिका को बनाया नर्स, डिग्री मिलते ही प्रेमिका हो गयी बेवफा, गम में प्रेमी ने कर ली आत्महत्या
Jharkhand's Jyoti Maurya-like incident: A lover worked as a laborer to make his girlfriend a nurse; she became unfaithful upon receiving her degree, and the grief-stricken lover committed suicide.

Jharkhand Crime News : झारखंड में चर्चित “SDM ज्योति मौर्या” कांड रिपीट हुआ है। प्रेमी ने मजदूरी कर जुटाये पैसे अपनी प्रेमिका को नर्स बनाया, लेकिन नर्स बनते ही प्रेमिका बेवफा हो गयी। प्रेमिका से मिले धोखे को प्रेमी बर्दाश्त नहीं कर सका, और फिर उसने आत्महत्या कर ली। झकझोर देने वाली ये घटना गुमला जिले की है। जहां पालकोट थाना क्षेत्र से ये दर्दनाक और भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां प्यार में मिले धोखे ने एक युवक की जिंदगी छीन ली।
झिकिरिमा पंचायत के बनईडेगा करंजटोली गांव में 26 वर्षीय अनुप किंडो ने अपने ही घर के पास महुआ के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।युवक अपनी प्रेमिका की पढ़ाई के लिए गोवा में मजदूरी करता था, लेकिन बाद में दोनों के बीच विवाद बढ़ गया।
बताया जा रहा है कि अनुप किंडो का गांव की ही एक युवती के साथ लंबे समय से प्रेम संबंध था। यह सिर्फ एक आम प्रेम कहानी नहीं थी, बल्कि त्याग और समर्पण की कहानी भी थी। अनुप अपनी प्रेमिका को बेहद चाहता था और उसके सपनों को साकार करने के लिए उसने खुद को पूरी तरह समर्पित कर दिया था।
अनुप चाहता था, उसकी प्रेमिका कामयाब बने, इसी सोच के साथ वो गोवा चला गया, जहां वह मजदूरी कर अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा प्रेमिका को भेजने लगा। उसका सपना था कि उसकी प्रेमिका नर्स बनकर अपने पैरों पर खड़ी हो। उसकी मेहनत रंग लाई और युवती ने नर्सिंग की पढ़ाई पूरी कर ली।
लेकिन कहानी यहीं से बदल गई। जैसे ही युवती अपने पैरों पर खड़ी हुई, उसने अनुप से दूरी बनानी शुरू कर दी। धीरे-धीरे बातचीत कम होने लगी और रिश्ते में खटास आ गई। अनुप इस बदलाव को समझ नहीं पा रहा था और लगातार उसे मनाने की कोशिश करता रहा। पालकोट थाना के एएसआई प्रमोद कुमार के अनुसार, पिछले तीन महीनों से दोनों के बीच विवाद चल रहा था।
शनिवार की रात भी दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ। यह विवाद अनुप के लिए मानसिक रूप से बेहद भारी पड़ गया।रविवार की सुबह, जब गांव अभी पूरी तरह जागा भी नहीं था, अनुप ने अपने घर के पास महुआ के पेड़ को अपनी जिंदगी का आखिरी सहारा बना लिया। जब ग्रामीणों ने उसे फंदे पर झूलता देखा, तो पूरे गांव में हड़कंप मच गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गुमला सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि किन परिस्थितियों ने युवक को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर किया।यह घटना सिर्फ एक आत्महत्या नहीं, बल्कि टूटे हुए भरोसे, अधूरी उम्मीदों और एकतरफा समर्पण की दर्दनाक कहानी है।









