जरूरी खबर: झारखंड में गैस सिलेंडर के लिए आज से नया नियम, नहीं किया ये काम तो घर से वापस लौट जायेगा सिलेंडर, जानिये कौन-कौन से नियम आज से हुए लागू
Important news: New rules for gas cylinders in Jharkhand from today; if this is not done, the cylinder will be returned to your home. Find out which rules have come into effect from today.

झारखंड में आज से गैस उपभोक्ताओ के लिए नये नियम लागू हो गये हैं। एलपीजी के दुरुपयोग को रोकने और वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए गैस कंपनियों ने ये नए नियम लागू किए हैं। अब 5 किलो सिलेंडर के लिए सख्त जांच होगी। वहीं आज यानि 1 मई से डिलीवरी के समय ओटीपी (DAC) अनिवार्य कर दिया गया है।
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LPG New Rule/1.5.26 : आज से झारखंड में गैस उपभोक्ताओं के लिए नया नियम लागू हो गया है। देश में एलपीजी वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से गैस कंपनियों ने दो बड़े फैसले लिए हैं। इन नए नियमों के तहत घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है, वहीं गैस डिलीवरी के समय ओटीपी यानी डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है।
जानिये क्या हैं नये नियम
नई व्यवस्था के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं के पास पहले से 14.2 किलो का घरेलू एलपीजी कनेक्शन है, उन्हें अब 5 किलो का छोटा सिलेंडर नहीं दिया जाएगा। पहले जहां केवल एक साधारण आवासीय प्रमाण पत्र के आधार पर यह सिलेंडर मिल जाता था, वहीं अब इसके लिए विस्तृत जांच प्रक्रिया अपनाई जाएगी। आवेदन करने के बाद संबंधित उपभोक्ता के पते और कनेक्शन की स्थिति का सत्यापन किया जाएगा। यदि जांच में यह पाया जाता है कि उपभोक्ता के नाम पर पहले से कोई अन्य गैस कनेक्शन नहीं है, तभी उसे 5 किलो का सिलेंडर आवंटित किया जाएगा।
5 किलो के छोटे सिलेंडर पर भी शिकंजा
गैस कंपनियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य उन जरूरतमंद वर्गों तक छोटे सिलेंडर की पहुंच सुनिश्चित करना है, जिन्हें वास्तव में इसकी आवश्यकता है। विशेष रूप से प्रवासी मजदूरों, छात्रों और अस्थायी रूप से रहने वाले लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही आधार कार्ड में दर्ज पते की भी सघन जांच की जाएगी और एक ही पते पर एक से अधिक कनेक्शन देने पर रोक रहेगी, भले ही आवेदन अलग-अलग परिवार के सदस्यों द्वारा किया गया हो।
ओटीपी हो गया अनिवार्य
इसके अलावा, छोटे सिलेंडर की बुकिंग के लिए भी समय-सीमा निर्धारित करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि बार-बार बुकिंग कर दुरुपयोग की संभावना को रोका जा सके।वहीं, गैस वितरण में पारदर्शिता लाने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए 1 मई से डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) यानी ओटीपी को अनिवार्य कर दिया गया है। अब हर उपभोक्ता को गैस सिलेंडर प्राप्त करने के समय डिलीवरी कर्मी को यह कोड बताना होगा।
नहीं आये ओटीपी तो क्या करें
बिना कोड के सिलेंडर की डिलीवरी नहीं की जाएगी। कंपनियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई एजेंसी बिना ओटीपी के गैस वितरण करती पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।हालांकि, उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह भी व्यवस्था की गई है कि यदि किसी कारणवश ओटीपी प्राप्त नहीं होता है या वह डिलीट हो जाता है, तो डिलीवरी कर्मी के माध्यम से मौके पर ही दोबारा कोड मंगाया जा सकता है। इसके अलावा, गैस कंपनियों के आधिकारिक मोबाइल ऐप, व्हाट्सएप और एसएमएस के जरिए भी ओटीपी दोबारा प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध है।








