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धनबाद में दर्दनाक हादसा: कोल वाशरी में हुए हादसे में चार की मौत, कई और के दबे होने की आशंका

Tragic accident in Dhanbad: Four killed in coal washery accident, many more feared buried

झारखंड के धनबाद स्थित मुनीडीह कोल वाशरी में स्लरी गिरने से बड़ा हादसा हो गया। चार मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य के दबे होने की आशंका के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
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धनबाद/2.5.26। जिले के पुटकी-मुनीडीह क्षेत्र में स्थित बीसीसीएल कोल वाशरी में शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार, कोल वाशरी में स्लरी (कोयला पाउडर) लोडिंग के दौरान अचानक मलबा गिर गया, जिसकी चपेट में कई मजदूर आ गए।यह घटना शाम करीब 5 बजे की बताई जा रही है, जब ठेका मजदूर ट्रकों में स्लरी लोड कर रहे थे। इसी दौरान स्लरी का ढेर अचानक भरभराकर गिर पड़ा और मजदूरों को अपने नीचे दबा लिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

चार मजदूरों की मौत, पहचान हुई

हादसे के बाद तत्काल बचाव कार्य शुरू किया गया। मलबा हटाकर अब तक चार मजदूरों के शव बाहर निकाले जा चुके हैं। मृतकों की पहचान मानीक बाउरी, दिनेश बाउरी, दीपक बाउरी और मइरा गोप के रूप में हुई है।हालांकि आशंका जताई जा रही है कि मलबे के नीचे और भी मजदूर दबे हो सकते हैं, जिसके चलते रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, जेसीबी से हटाया जा रहा मलबा

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, सीआईएसएफ बल और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। राहत एवं बचाव कार्य के लिए जेसीबी मशीनों की मदद से स्लरी हटाई जा रही है। अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि कोई और मजदूर मलबे में फंसा न रह जाए।

ग्रामीणों और परिजनों में आक्रोश

हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। मृतकों के परिजन और स्थानीय मजदूर घटना को लेकर नाराजगी जता रहे हैं। उनका आरोप है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यह हादसा हुआ है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर खदानों और कोल वाशरी में काम कर रहे मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए, तो इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता है।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं।
  • ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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