जयराम महतो की बढ़ेगी मुश्किलें या मिलेगी राहत ? डिस्चार्ज पिटीशन पर सुनवाई टली, अब होगी 22 जून को सुनवाई, जानिये क्या है विधायक पर आरोप
Will Jairam Mahto's troubles increase or will he receive relief? The hearing on his discharge petition has been postponed and will now take place on June 22nd. Find out what the allegations against the MLA are.

धनबाद। सरकारी काम में बाधा पहुंचाने व पुलिस कार्रवाई में हस्तक्षेप मामले में डुमरी विधायक जयराम महतो की ओर से दायर डिस्चार्ज पिटीशन पर सुनवाई टल गयी है। धनबाद के एमपी-एमएलए कोर्ट में अब मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 जून को होगी। यह मामला पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी वारंट से जुड़ा हुआ है।
आपको बता दें कि यह मामला विशेष न्यायिक दंडाधिकारी अर्पिता नारायण की अदालत में लंबित है और राजनीतिक व कानूनी हलकों में इसे लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है। जयराम महतो की ओर से अदालत में दायर डिस्चार्ज पिटीशन में मामले से मुक्त किए जाने की मांग की गई है। डुमरी विधायक जयराम महतो पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, पुलिस कार्रवाई में हस्तक्षेप करने और गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस को चकमा देकर फरार होने जैसे गंभीर आरोप हैं।
इसके अलावा उनके समर्थकों पर पुलिस बल के साथ धक्का-मुक्की और हमला करने के आरोप भी दर्ज किए गए हैं। यह पूरा मामला पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव के दौरान सामने आया था।जानकारी के अनुसार, जयराम महतो के खिलाफ रांची की अदालत से गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। इसी वारंट के निष्पादन के लिए पुलिस टीम बोकारो पहुंची थी, जहां उस समय जयराम महतो विधानसभा चुनाव के नामांकन की प्रक्रिया में शामिल थे।
इस मामले की प्राथमिकी नगरी थाना के अवर निरीक्षक रितेश कुमार महतो की शिकायत पर 2 मई 2024 को बोकारो जिले के बीएसटी थाना में दर्ज की गई थी। एफआईआर में उल्लेख किया गया है कि पुलिस टीम जब वारंट लेकर जयराम महतो को गिरफ्तार करने पहुंची, तब वहां बड़ी संख्या में उनके समर्थक जमा हो गए थे।
प्राथमिकी के मुताबिक, पुलिस को अपना सरकारी कार्य करने से रोका गया और मौके पर तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान जयराम महतो वहां से निकल गए और उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सका। साथ ही समर्थकों द्वारा पुलिस बल के साथ धक्का-मुक्की और विरोध प्रदर्शन किए जाने की बात भी एफआईआर में दर्ज है।
इस मामले में जयराम महतो की ओर से अदालत में डिस्चार्ज पिटीशन दाखिल की गई है। पिटीशन में कहा गया है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और उन्हें मामले से मुक्त किया जाना चाहिए। अदालत ने इस पर अभियोजन पक्ष को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।









