झारखंड: शिक्षकों के वेतन पर आ गयी बड़ी खुशखबरी, शिक्षा निदेशक ने सभी डीएसई को भेजा पत्र, अब शपथ पत्र पर मिलेगा सैलरी

Jharkhand Teacher News। झारखंड के नवनियुक्त शिक्षकों से जुड़ी एक बड़ी अपडेट है। प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में हाल ही में नियुक्त हुए सहायक आचार्यों के लिए राहत भरी खबर आयी है। लंबे समय से लंबित वेतन भुगतान का रास्ता अब साफ हो गया है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्राथमिक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार रंजन ने इस संबंध में अहम आदेश जारी किया है।
शिक्षा निदेशक ने सभी जिला शिक्षा अधीक्षकों (डीएसई) को नवनियुक्त सहायक आचार्यों का वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। जारी आदेश के अनुसार, शिक्षकों के शैक्षणिक एवं प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन में हो रही देरी को देखते हुए उनसे शपथ पत्र (एफिडेविट) प्राप्त कर तत्काल वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इससे लंबे समय से आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हजारों शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।दरअसल, नियुक्ति के बाद भी कई शिक्षकों को वेतन नहीं मिल पा रहा था, जिससे उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा था। इस मुद्दे को लेकर विभिन्न शिक्षक संगठनों ने लगातार सरकार और शिक्षा विभाग के समक्ष अपनी मांग उठाई थी। हाल ही में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी शिक्षा विभाग को मामले में त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
पत्र में प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने यह भी कहा गया है कि सभी नवनियुक्त सहायक आचार्यों का भविष्य निधि (पीएफ) खाता शीघ्र खोला जाए, ताकि उन्हें अन्य वित्तीय सुविधाओं का भी लाभ मिल सके। इसके अलावा निर्धारित प्रारूप में शिक्षकों से शपथ पत्र प्राप्त कर वेतन भुगतान की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग ने प्रमाण पत्र सत्यापन प्रक्रिया को भी समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया है। आदेश में कहा गया है कि शिक्षकों के सहयोग से उनके शैक्षणिक और प्रशिक्षण संबंधी प्रमाण पत्रों की जांच चार माह के भीतर हर हाल में पूरी की जाए। यदि निर्धारित अवधि में किसी शिक्षक का सत्यापन कार्य पूरा नहीं होता है तो उसके बाद संबंधित शिक्षक का वेतन रोक दिया जाएगा।
शिक्षा विभाग के इस फैसले से राज्य के नवनियुक्त सहायक आचार्यों में खुशी की लहर है। लंबे इंतजार के बाद वेतन भुगतान का रास्ता खुलने से शिक्षकों को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।








