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SSP-SP की छुट्टी की इनसाइड स्टोरी: रात में ही अफसरों संग मीटिंग, आनन-फानन में नोटशीट, फिर आधी रात तैयार हुआ एक्शन आर्डर,जानिए क्यों एक साथ हटे SSP पीयूष पांडेय और SP निधि द्विवेदी Focus Keyword

जुलाई 2026 की शुरुआत में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में ₹183.50 तक की कटौती की है। दिल्ली, लखनऊ और कोलकाता सहित कई शहरों में नए रेट लागू हो गए हैं, जबकि घरेलू 14.2 किलो गैस सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

Jharkhand SSP AND SP Remove: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की आधी रात वाली एक्शन ने ब्यूरोक्रेसी में खलबली मचा दी है। जिस तल्खी के साथ मुख्यमंत्री ने पूर्वी सिंहभूम SSP और सरायकेला खरसावां के एसपी को हटाने का आदेश दिया, उससे साफ है कि दोनों पुलिस अफसरों की कार्यप्रणाली से मुख्यमंत्री बेहद नाराज थे। मुख्यमंत्री की नाराजगी का अहसास इसी बात से लगाया जा सकता है कि दोनों अफसरों को तत्काल मुख्यालय छोड़ने को कह दिया गया है।

देर रात ही नोटशीट पहुंची मुख्यमंत्री के पास

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक पूर्वी सिंहभूम वाली घटना तो मुख्यमंत्री के संज्ञान में थी ही, एसएसपी को बदलने पर विचार चल ही रहा था, लेकिन इसी बीच सरायकेला में भी घटना हो गयी। मुख्यमंत्री के संज्ञान में घटना आते ही उन्होंने तत्काल अपने सेक्रेटिएट के अफसरों को तलब किया। रात में ही नोटशीट बढ़ी और फिर देर रात यानि करीब 11 बजे के आसपास मुख्यमंत्री ने नोटशीट पर साइन कर दिया।

पूर्वी सिंहभूम के SSP पीयूष पांडेय और सरायकेला-खरसावां की SP निधि द्विवेदी को एक साथ हटाकर पुलिस मुख्यालय अटैच कर दिया गया। दिलचस्प बात यह है कि शुरुआत में कार्रवाई केवल जमशेदपुर के SSP तक सीमित मानी जा रही थी, लेकिन सरायकेला में मंगलवार देर रात हुई एक और गंभीर वारदात के बाद सरकार ने दोनों अधिकारियों को हटाने का फैसला कर लिया।

मुख्यमंत्री का तीखा ट्वीट

मुख्यमंत्री का देर रात दोनों पुलिस अफसरों को हटाने को लेकर जो सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट आया, उसके शब्द भी काफी तीखे थे। मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीट की शुरुआत ही, मैंने फैसला किया है, जैसे शब्दों में किया था, जिससे साफ था कि दोनों जिलों में बढ़े अपराध से मुख्यमंत्री खुश नहीं थे। उन्होंने लिखा कि, पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक एवं सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक को विधि-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता तथा आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में लापरवाही के कारण तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध करने का निर्णय मैंने लिया है।
चाईबासा के आयुक्त एवं रांची के ADG को क्षेत्र में लगातार कैंप कर स्थिति की प्रतिदिन समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, DIG जमशेदपुर में रहकर कानून-व्यवस्था की निगरानी करेंगे।जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

क्या घटी थी घटना

27 जून की रात डबल डाउन बार में छेड़खानी को लेकर दो गुटों के बीच विवाद हुआ था। करणी सेना के नेता हिमांशु अपने साथियों के साथ बीच बचाव करने गये। बाद में बाउंसरों ने दोनों पक्षों को शांत करा दिया। कुछ देर बाद हिमांशु और प्रत्युष बाहर पार्किंग से बाइक लेकर घर लौटने की तैयारी में थे, तभी दूसरे पक्ष के करीब 6-7 लोग वहां पहुंचे और मारपीट करने लगे। पुलिस ने हिमांशु को अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इस बीच िवश्वनाथ मंडल, सोनू मंडल, राज लोहार अपने अन्य साथियों के साथ वैन से खींचकर िहमांशु पर चाकू और चापड़ से ताबड़तोड़ हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।

क्यों नप गये जमशेदपुर के SP

जमशेदपुर में पिछले कुछ महीनों से लगातार आपराधिक घटनाएं बढ़ी थी। लेकिन,डबल डाउन बार के बाहर चाकूबाजी की घटना नहीं होती, तो एसएसपी की कुर्सी कुछ दिनों के लिए शायद और बच जाती। दरअसल जमशेदपुर के बिष्टुपुर के डबल डाउन बार के बाहर शनिवार रात पुलिस वैन से खींचकर करणी सेना के जिलाध्यक्ष को चाकू से गोद दिया गया था। करणी सेना नेता हिमांशु कुमार सिंह की सोमवार शाम को टीएमएच में इलाज के दौरान मौत हो गई।

इस मामले में बार संचालक बीजेपी नेता नीरज कुमार सिंह समेत 11 लोगों पर एफआईआर दर्ज किया गया है। घटना के विरोध में करणी सेना के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और बिष्टुपुर गोलचक्कर को जाम कर प्रदर्शन किया। इस दौरान वहां से गुजरने की कोशिश करने वाले वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई। कहा जा रहा है कि इस पूरे घटना में पुलिस की गंभीर लापरवाही थी। पूरे प्रकरण में पुलिस मूकदर्शक बनी रही।

पुलिस की मौजूदगी में चाकूबाजी

अनुसार हिमांशु सरायकेला करणी सेना के युवा जिलाध्यक्ष थे। चाकूबाजी में उनकी मौत ने शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल तो खड़े किये ही, राजनीति भी गरमा दी। सरकार की इस घटना में जमकर किरकिरी हुई। भाजपा काफी आक्रामक दिख रही थी। पुलिस की दो जीप और टाइगर मोबाइल के जवानों की मौजूदगी में जिलिंगगोड़ा के सात-आठ युवकों की ओर से दो युवकों पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला किए जाने का सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हो गया  जिसमें पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। घटना में घायल आदित्यपुर निवासी प्रत्युष आनंद का इलाज कोलकाता के अपोलो अस्पताल में चल रहा है।

सरायकेला में भी ज्वेलरी दुकानदार पर हमला

पूर्वी सिंहभूम के अलावे सरायकेला खरसांवा में लगातार घटनाएं बढ़ रही थी। मई महीने में जहां फाइनेंस कर्मी पर गोलीबारी कर लूट हुई थी, तो वहीं मंगलवार रात ज्वेलरी शाप के मालिक पर चापड़ से हमला किया गया था। हाल के दिनों में जिलो में हत्या लूट जैसी वारदातें काफी बढ़ी थी। कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार की यहां भी खूब किरकिरी हो रही थी। राजनीतिक दलों के निशाने पर एसपी निधि द्विवेदी भी थी। आखिरकार गरमाती राजनीति के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए एसपी को हटाने का आदेश दिया और मुख्यालय अटैच कर दिया।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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