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Crime News: प्रेमी के लिए मां बनी जल्लाद, दो मासूम बच्चों की हत्या पर कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

बिहार के मधुबनी में प्रेम संबंध के लिए मां ने प्रेमी संग मिलकर अपने दो मासूम बच्चों की हत्या कर दी। झंझारपुर कोर्ट ने मामले को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' मानते हुए दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई।

Court News। “मां तो जीवन देती है ना!….और तुमने अपने ही बच्चे की जान ले ली….” कोर्ट ने इस कड़ी टिप्पणी के साथ मां को सजा-ए-मौत की सजा सुना दी। प्रेमी की खातिर एक मां ऐसी जल्लाद बनी, कि उसने अपने ही हाथों दो मासूमों का गला घोंट दिया और फिर लाश को नदी में फेंक दिया। बिहार के मधुबनी जिले में इसी ममता ने ऐसा खौफनाक रूप लिया कि पूरा समाज सन्न रह गया।

प्रेम संबंध में बाधा बन रहे अपने ही चार वर्षीय बेटे और डेढ़ वर्षीय बेटी को मां ने प्रेमी के साथ मिलकर मौत के घाट उतार दिया। तीन साल तक चले मुकदमे के बाद अब झंझारपुर व्यवहार न्यायालय ने इस जघन्य अपराध को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मानते हुए दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है।

यह मामला मधुबनी जिले के झंझारपुर अनुमंडल के अंधरामठ थाना क्षेत्र के नहरी गांव का है। अदालत ने आरोपी अनिता कुमारी और उसके प्रेमी जय प्रकाश मंडल को भारतीय न्याय व्यवस्था की सबसे कठोर सजा सुनाते हुए कहा कि यह अपराध केवल हत्या नहीं, बल्कि मातृत्व और मानवता दोनों के साथ विश्वासघात है।

मायके जाने का बहाना, मौत की साजिश पहले से तैयार

अभियोजन के अनुसार, 3 जुलाई 2023 को अनिता कुमारी अपने चार वर्षीय बेटे प्रिंस कुमार और डेढ़ वर्षीय बेटी सृष्टि कुमारी को लेकर मायके जाने की बात कहकर घर से निकली थी। रास्ते में बलान नदी के खाप पुल के पास उसका प्रेमी जय प्रकाश मंडल पहले से मौजूद था।यहीं दोनों ने मिलकर मासूम बच्चों का गला घोंट दिया और सबूत मिटाने के इरादे से दोनों के शव नदी में फेंक दिए।

ग्रामीणों को हुआ शक, मौके पर पकड़ाए आरोपी

घटना के समय आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने दोनों की गतिविधियां संदिग्ध देखीं। लोगों ने पीछा कर अनिता और उसके प्रेमी को पकड़ लिया। ग्रामीणों ने दोनों की पिटाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया।पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर हत्या और सबूत मिटाने के आरोप में जेल भेज दिया।

बेटी का शव मिला, बेटा आज तक लापता

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर नदी में तलाशी अभियान चलाया। घटना के सात दिन बाद 10 जुलाई 2023 को सृष्टि का शव बरामद हो गया, लेकिन चार वर्षीय प्रिंस कुमार का शव आज तक नहीं मिल सका।

कोर्ट ने कहा- यह अपराध मानवता को झकझोरने वाला

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने इसे समाज और अंतरात्मा को झकझोर देने वाला अपराध बताया। साक्ष्यों, गवाहों और पुलिस जांच के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत फांसी की सजा सुनाई।

इसके साथ ही दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना नहीं देने पर छह-छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।सबूत मिटाने के अपराध (धारा 201/34) में दोनों को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की भी सजा सुनाई गई है।

पिता बोले- अब मेरे बच्चों की आत्मा को मिलेगी शांति

फैसले के बाद बच्चों के पिता प्रमोद कुमार साफी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा था और आखिरकार अदालत ने न्याय किया।उन्होंने कहा कि पत्नी ने जिस बेरहमी से मासूम बच्चों की जान ली, उसकी सजा मिलनी ही थी। अब उनकी एक ही मांग है कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा-ए-मौत दी जाए ताकि उनके बच्चों की आत्मा को शांति मिल सके।

झंझारपुर कोर्ट के इतिहास का पहला डेथ पेनल्टी फैसला

कानूनी जानकारों के मुताबिक झंझारपुर व्यवहार न्यायालय के इतिहास में यह पहला मामला है, जिसमें किसी अपराध को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मानते हुए दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है। इस फैसले को बाल सुरक्षा और जघन्य अपराधों के खिलाफ एक सख्त न्यायिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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