झारखंड: चार छात्राओं को सांप काटने का मामला: NHRC ने लिया स्वत: संज्ञान, झारखंड सरकार से दो सप्ताह में मांगी रिपोर्ट, एक छात्रा की मौत, दूसरी रिम्स में है भर्ती
लोहरदगा के संवसीरा हायर सेकेंडरी स्कूल छात्रावास में चार छात्राओं को सांप काटने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है। झारखंड सरकार से दो सप्ताह में रिपोर्ट मांगी गई है।

Lohardaga Snake Bite NHRC। स्कूली बच्चियों को सांप काटने के मामले में अब मानवाधिकार आयोग सख्त हो गया है। NHRC ने इस घटना को लेकर झारखंड सरकार से दो सप्ताह के अंदर रिपोर्ट तलब की है। दरअसल झारखंड के लोहरदगा जिले के कुड़ू प्रखंड स्थित संवसीरा हायर सेकेंडरी स्कूल के छात्रावास में चार छात्राओं को सांप ने डंस लिया था। इस घटना में एक छात्रा की मौत हो गयी थी, जबकि एक छात्रा की हालत गंभीर बनी हुई है।
सांप के काटने की इस घटना को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए झारखंड सरकार के मुख्य सचिव से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने रांची के रिम्स में भर्ती छात्रा के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है।
देर रात छात्रावास में घुसा था सांप
यह घटना 7 जुलाई की रात करीब 11 बजे हुई थी। उस समय छात्रावास के भूतल पर चार छात्राएं सो रही थीं। इसी दौरान एक सांप कमरे में घुस गया और चारों छात्राओं को डंस लिया। घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। छात्राओं को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, फिर गंभीर हालत में आगे रेफर किया गया।
एक छात्रा की मौत, दूसरी की हालत गंभीर
सर्पदंश की शिकार वर्षा उरांव की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि फुलमनिया उरांव की हालत गंभीर होने पर उसे रांची के रिम्स में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। वहीं अनीषा और मनीषा का इलाज लोहरदगा सदर अस्पताल में किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर एंटी स्नेक वेनम और बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल जाती, तो शायद स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
NHRC ने मांगा जवाब
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस घटना को बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए राज्य सरकार से कई सवाल पूछे हैं। आयोग ने जानना चाहा है कि छात्रावास में सुरक्षा के क्या इंतजाम थे, सांप परिसर में कैसे पहुंचा, घटना के बाद प्रशासन ने क्या कार्रवाई की और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। आयोग ने सरकार को दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट में राहत कार्य, चिकित्सा व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और जिम्मेदारी तय करने संबंधी जानकारी शामिल करने को कहा गया है।
प्रशासन में बढ़ी हलचल
NHRC के हस्तक्षेप के बाद जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है। हालांकि प्रभारी बीडीओ सह सीओ संतोष उरांव ने कहा कि उन्हें अभी तक आयोग के निर्देशों की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि निर्देश मिलते ही मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
आवासीय स्कूलों की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना के बाद ग्रामीण इलाकों में संचालित आवासीय विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि छात्रावास परिसर की नियमित सफाई, झाड़ियों की कटाई और सर्परोधी उपायों में लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने सभी आवासीय विद्यालयों का सुरक्षा ऑडिट कराने और छात्रावासों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।








