झारखंड में स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ा, रांची में 8 नए मरीज मिले; स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, जानिये क्या कहते हैं स्पेशलिस्ट
झारखंड में H1N1 स्वाइन फ्लू के 8 नए मरीज मिले हैं। रिम्स में 11 संदिग्ध सैंपल की जांच में 8 पॉजिटिव पाए गए। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को अलर्ट किया है।

रांची। देश में स्वाइन फ्लू का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब झारखंड में इसका असर दिखने लगा है। स्वाइन फ्लू यानी H1N1 इंफ्लुएंजा ने दस्तक दे दी है। राजधानी रांची में संक्रमण के नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में राज्य के अलग-अलग हिस्सों से आए 11 संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच की गई, जिनमें से 8 लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है।
बताया जा रहा है कि संक्रमित मरीजों में रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एक प्रोफेसर और उनका बेटा भी शामिल हैं। दोनों हाल ही में दिल्ली से रांची लौटे थे। तबीयत खराब होने के बाद जांच कराई गई, जिसमें H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई। वहीं, रांची के एक बॉयज हॉस्टल में रहने वाले चार युवकों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है।
दिल्ली से लौटे प्रोफेसर और बेटे में संक्रमण
स्वाइन फ्लू से संक्रमित पाए गए मरीजों में कई ऐसे हैं, जिनकी हाल में दूसरे राज्यों या शहरों की यात्रा की हिस्ट्री सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और उनके बेटे दिल्ली से रांची लौटे थे।रांची पहुंचने के बाद दोनों को तेज बुखार, गले में दर्द, सर्दी और खांसी जैसी शिकायतें हुईं। डॉक्टर की सलाह पर जांच कराने पर दोनों में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई। इसी तरह रांची के एक बॉयज हॉस्टल में रहने वाले चार युवकों में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है। एक ही जगह पर कई मरीजों के संक्रमित मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और बढ़ा दी गई है।
11 सैंपल में 8 की रिपोर्ट पॉजिटिव
रिम्स में जांच के लिए कुल 11 संदिग्ध मरीजों के नमूने पहुंचे थे। जांच के दौरान इनमें से 8 सैंपल पॉजिटिव पाए गए। संक्रमण की पुष्टि होने के बाद मरीजों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।स्वास्थ्य विभाग इस बात की भी जानकारी जुटा रहा है कि संक्रमित मरीजों के संपर्क में कौन-कौन लोग आए हैं। खासकर हॉस्टल में रहने वाले संक्रमित युवकों के संपर्क में आए लोगों को लेकर भी सावधानी बरती जा रही है।
सभी जिलों के सिविल सर्जनों को अलर्ट
मामले बढ़ने के बाद झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के सिविल सर्जनों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में संदिग्ध मरीजों की पहचान और जरूरत पड़ने पर जांच कराने को लेकर निगरानी बढ़ाने को कहा गया है।भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने भी लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। ICMR के महानिदेशक राजीव बहल के अनुसार, स्वाइन फ्लू से मृत्यु दर काफी कम है, लेकिन संक्रमण से बचाव के लिए सतर्क रहना जरूरी है।
ज्यादातर संक्रमितों की ट्रैवल हिस्ट्री
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जिन मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है, उनमें से अधिकांश हाल में दूसरे राज्यों या शहरों की यात्रा कर झारखंड लौटे हैं। वापस आने के बाद उनमें तेज बुखार, गले में दर्द, सर्दी और खांसी जैसे लक्षण दिखाई दिए।लक्षण सामने आने के बाद डॉक्टरों की सलाह पर जांच कराई गई और रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर संक्रमण की पुष्टि हुई। ऐसे में दूसरे राज्यों से लौटने वाले लोगों में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत बताई जा रही है।
3 से 5 दिन में ठीक हो सकता है संक्रमण
स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लापरवाही से बचना जरूरी है। सामान्य तौर पर कई मरीजों में संक्रमण कुछ दिनों में सामान्य उपचार और सावधानी से ठीक हो सकता है।हालांकि, तेज बुखार लगातार बना रहे, हालत बिगड़ने लगे या गले में अत्यधिक दर्द और सांस से जुड़ी परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सावधानी ही बचाव
H1N1 संक्रमण से बचने के लिए भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतना, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकना और हाथों की नियमित सफाई जैसे उपाय महत्वपूर्ण हैं। बीमार होने पर दूसरों के संपर्क में आने से बचना भी संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद कर सकता है।फिलहाल रांची में नए मामलों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि घबराने के बजाय सतर्क रहें और लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लें।SEO पैकेज












