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H1N1 Cases: बढ़ते स्वाइन फ्लू के मामलों ने बढ़ाई चिंता, जानें कितना खतरनाक है H1N1 और किन लोगों को ज्यादा खतरा?

H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच जानें स्वाइन फ्लू कितना खतरनाक है, इसके लक्षण क्या हैं, किन लोगों को ज्यादा खतरा है और H1N1 से बचाव के लिए क्या सावधानियां जरूरी हैं।

H1N1 Influenza Cases: देश के कई हिस्सों में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने लोगों और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। खासकर देश की राजधानी दिल्ली की स्थिति काफी बुरी है। एक रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 166 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद H1N1 संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 2700 से ज्यादा हो गयी है। वहीं, Influenza-A के मामलों को भी शामिल करने पर कुल संक्रमितों की संख्या करीब 3,300 बताई जा रही है।

हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की जा रही है। अस्पतालों में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, लैब टेक्नीशियन, दवाएं, ऑक्सीजन, बेड और टेस्टिंग की सुविधाएं उपलब्ध रखने की बात कही गई है।

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H1N1 कितना खतरनाक है?

H1N1 को आमतौर पर स्वाइन फ्लू कहा जाता है, लेकिन इसे लेकर कई तरह की गलतफहमियां भी हैं। साल 2009 में महामारी का कारण बना H1N1 pdm09 वायरस अब इंसानों में मौसमी इन्फ्लुएंजा के रूप में पाया जाता है। इसका मतलब यह नहीं है कि H1N1 संक्रमित व्यक्ति का सूअरों के संपर्क में आना जरूरी है।

यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस के जरिए निकलने वाली बूंदों से दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकता है। खासतौर पर भीड़भाड़ वाली जगहों और बंद कमरों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है।

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शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया भी बढ़ा सकती है परेशानी

गंभीर संक्रमण की स्थिति में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली बहुत तेज प्रतिक्रिया कर सकती है। इससे फेफड़ों में सूजन और ऊतक क्षति बढ़ने का खतरा रहता है। संक्रमण गंभीर होने पर ऑक्सीजन की कमी का असर हृदय, किडनी और शरीर के दूसरे अंगों पर भी पड़ सकता है।हालांकि, अधिकांश स्वस्थ लोगों में फ्लू जैसे लक्षण कुछ दिनों में आराम और उचित देखभाल के साथ ठीक हो सकते हैं। गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज करना जोखिम बढ़ा सकता है।

किन लोगों में H1N1 का खतरा ज्यादा?

H1N1 संक्रमण हर व्यक्ति में एक जैसा असर नहीं करता। कुछ लोगों में गंभीर बीमारी का खतरा अपेक्षाकृत ज्यादा रहता है।
• बुजुर्ग और छोटे बच्चे
• गर्भवती महिलाएं
• डायबिटीज से पीड़ित लोग
• अस्थमा या COPD जैसी सांस की बीमारी वाले मरीज
• हृदय या किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारी वाले लोग
• अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे मरीज
इन लोगों में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए।

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H1N1 के प्रमुख लक्षण क्या हैं?

स्वाइन फ्लू के लक्षण सामान्य इन्फ्लुएंजा जैसे हो सकते हैं। इनमें अचानक बुखार आना, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और अत्यधिक थकान शामिल हो सकती है।अगर बुखार और खांसी लगातार बढ़ रही हो या मरीज की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा हो, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

सांस लेने में परेशानी, सांस फूलना, सीने में दर्द, लगातार तेज बुखार या ऑक्सीजन स्तर कम होना गंभीर स्थिति के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल डॉक्टर या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए।

हर मरीज को एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं

H1N1 एक वायरल संक्रमण है, इसलिए हर मरीज को एंटीबायोटिक देने की जरूरत नहीं होती। उपचार मरीज की स्थिति और जोखिम के आधार पर डॉक्टर तय करते हैं।कुछ परिस्थितियों में डॉक्टर शुरुआती चरण में ओसेल्टामिविर जैसी एंटीवायरल दवा देने की सलाह दे सकते हैं। इसे डॉक्टर की सलाह के बिना खुद से शुरू नहीं करना चाहिए।

H1N1 से बचने के लिए क्या करें?

संक्रमण से बचाव के लिए रोजमर्रा की सावधानियां काफी महत्वपूर्ण हैं।
• साबुन और पानी से हाथ नियमित रूप से धोएं।
• खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकें।
• आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचें।
• बीमार व्यक्ति के बेहद करीब जाने से बचें।
• बीमारी की स्थिति में दूसरों से दूरी बनाए रखें।
• भीड़भाड़ और बंद जगहों पर विशेष सावधानी बरतें।
• डॉक्टर की सलाह के अनुसार फ्लू वैक्सीन पर विचार किया जा सकता है।

क्या H1N1 कोरोना जैसा है?

H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच इसकी तुलना कोरोना से करना स्वाभाविक है, लेकिन दोनों को एक जैसा मानना सही नहीं है। H1N1 कोई नया वायरस नहीं है और यह मौसमी इन्फ्लुएंजा का हिस्सा है।
H1N1 एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल सकता है, खासकर जब लोग लंबे समय तक एक-दूसरे के करीब हों। हालांकि, संक्रमण की गंभीरता हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकती है।

घबराने के बजाय सतर्क रहने की जरूरत

H1N1 के मामले बढ़ने के बीच सबसे जरूरी है कि लोग घबराने के बजाय जागरूक रहें। हर बुखार या खांसी H1N1 नहीं होती, क्योंकि मौसम बदलने के दौरान कई तरह के वायरल और श्वसन संक्रमण भी हो सकते हैं।
लेकिन यदि बुखार, खांसी, शरीर में दर्द और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण अचानक शुरू हों और लगातार बढ़ते जाएं, तो चिकित्सकीय जांच कराना बेहतर है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से गंभीर बीमारी वाले मरीजों में लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

नोट: यह सामान्य स्वास्थ्य जानकारी है। दवा, एंटीवायरल उपचार या वैक्सीन से संबंधित निर्णय डॉक्टर की सलाह से ही लें।

 

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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