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एड़ी में दर्द को नजरअंदाज न करें: जानिए इसके कारण, लक्षण, घरेलू देखभाल और डॉक्टर के पास कब जाएं

एड़ी में दर्द क्यों होता है और इससे राहत कैसे पाएं? जानिए एड़ी दर्द के कारण, लक्षण, घरेलू देखभाल, बचाव के उपाय और डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए।

Heel Pain: आजकल एड़ी में दर्द की समस्या आम है। एड़ी में होने वाला दर्द भले ही शुरुआत में सामान्य समस्या लगे, लेकिन कई बार यह पैर की मांसपेशियों, टेंडन, लिगामेंट या हड्डी से जुड़ी परेशानी का संकेत हो सकता है। लगातार एड़ी दर्द रहने पर चलने-फिरने, व्यायाम करने और रोजमर्रा के कामों में परेशानी हो सकती है।
खासतौर पर सुबह बिस्तर से उठने के बाद पहला कदम रखते समय एड़ी में तेज दर्द महसूस होना एक आम शिकायत है।एड़ी के दर्द का कारण हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। लंबे समय तक खड़े रहना, अधिक दौड़ना, वजन बढ़ना, गलत जूते पहनना या पैर पर अचानक ज्यादा दबाव पड़ना इसके पीछे वजह हो सकती है। कुछ मामलों में प्लांटर फैशियाइटिस, एचिलीस टेंडिनाइटिस, बर्साइटिस या हील स्पर जैसी स्थितियां भी दर्द का कारण बनती हैं।

एड़ी में दर्द आखिर क्यों होता है?

एड़ी शरीर के उस हिस्से में शामिल है जो चलते, दौड़ते और खड़े होते समय शरीर का काफी भार सहता है। लगातार दबाव या चोट के कारण यहां मौजूद ऊतकों में सूजन या खिंचाव पैदा हो सकता है।प्लांटर फैशियाइटिस एड़ी के नीचे होने वाले दर्द का एक आम कारण है। इसमें पैर के तलवे के नीचे मौजूद मोटे ऊतक, जिसे प्लांटर फेशिया कहा जाता है, में जलन या सूजन हो सकती है।वहीं एड़ी के पीछे दर्द होने पर एिलीस टेंडन से जुड़ी समस्या या बर्साइटिस जैसी स्थिति की संभावना हो सकती है।

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एड़ी के नीचे दर्द और पीछे दर्द में क्या अंतर है?

एड़ी के नीचे दर्द अक्सर प्लांटर फैशियाइटिस से जुड़ा हो सकता है। इसमें सुबह उठने के बाद पहला कदम रखते समय दर्द अधिक महसूस हो सकता है। कुछ लोगों को लंबे समय तक बैठने के बाद खड़े होने पर भी परेशानी होती है।इसके विपरीत एड़ी के पीछे दर्द एिलीस टेंडन में सूजन या चोट, जूते की रगड़ या बर्साइटिस जैसी समस्या से संबंधित हो सकता है।हालांकि, केवल दर्द की जगह देखकर बीमारी का निश्चित कारण पता नहीं लगाया जा सकता। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर शारीरिक जांच और अन्य परीक्षणों की मदद से कारण का पता लगाते हैं।

एड़ी में दर्द के प्रमुख लक्षण

एड़ी का दर्द अलग-अलग लोगों में अलग तरह से दिखाई दे सकता है। सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:
• चलते या दौड़ते समय एड़ी में दर्द होना।
• सुबह उठने के बाद पहला कदम रखने पर तेज दर्द।
• लंबे समय तक खड़े रहने के बाद असहजता बढ़ना।
• एड़ी दबाने पर दर्द या संवेदनशीलता।
• पैर और एड़ी में जकड़न महसूस होना।
• प्रभावित हिस्से में सूजन या गर्माहट।
• पैर पर वजन डालने में परेशानी।
• आराम के बाद दोबारा गतिविधि शुरू करने पर दर्द बढ़ना।

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किन लोगों में एड़ी दर्द का खतरा ज्यादा रहता है?

कुछ परिस्थितियों में एड़ी में दर्द होने की संभावना बढ़ सकती है।
अधिक शारीरिक गतिविधि: दौड़ने, कूदने या लंबे समय तक पैदल चलने जैसी गतिविधियों में अचानक बढ़ोतरी से पैरों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

अधिक वजन: शरीर का ज्यादा वजन एड़ी और पैर के तलवे पर अतिरिक्त भार डालता है।
गलत जूते: बहुत कसे हुए, घिसे हुए या पर्याप्त कुशन और सपोर्ट न देने वाले जूते परेशानी बढ़ा सकते हैं।
लंबे समय तक खड़े रहना: ऐसी नौकरी जिसमें कई घंटे लगातार खड़े रहना पड़े, एड़ी पर दबाव बढ़ा सकती है।
पैर की बनावट: फ्लैट फुट या पैर के आर्च की कुछ समस्याएं भी एड़ी दर्द में योगदान कर सकती हैं।

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एड़ी दर्द में क्या करें?

अगर दर्द हल्का है और किसी गंभीर चोट के बाद नहीं हुआ है, तो शुरुआती स्तर पर कुछ सामान्य उपाय राहत देने में मदद कर सकते हैं।

आराम और गतिविधि में कमी
कुछ समय के लिए दौड़ने, कूदने या ऐसी गतिविधियों को कम करें जिनसे दर्द बढ़ता है। पूरी तरह निष्क्रिय रहने के बजाय दर्द के अनुसार हल्की गतिविधि जारी रखना बेहतर हो सकता है।

बर्फ की सिकाई
दर्द वाले हिस्से पर कपड़े में लपेटकर ठंडी सिकाई थोड़े समय के लिए की जा सकती है। बर्फ को सीधे त्वचा पर लगाने से बचें।

स्ट्रेचिंग
पिंडली और पैर के तलवे की हल्की स्ट्रेचिंग कुछ लोगों में एड़ी की परेशानी कम करने में मदद कर सकती है। स्ट्रेचिंग करते समय अचानक या बहुत ज्यादा खिंचाव न दें।

सही जूते पहनें
ऐसे जूते चुनें जिनमें पर्याप्त कुशनिंग, आर्च सपोर्ट और सही फिट हो। पुराने और घिस चुके जूतों को बदलना भी जरूरी है।

इनसोल या हील पैड
कुछ लोगों को कुशन वाले इनसोल या हील पैड से आराम मिल सकता है। इन्हें इस्तेमाल करने से पहले समस्या के कारण को समझना बेहतर है।

एड़ी दर्द के घरेलू उपायों को लेकर क्या ध्यान रखें?

एड़ी के दर्द में इंटरनेट और पारंपरिक चिकित्सा से जुड़े कई घरेलू नुस्खे बताए जाते हैं, जैसे गर्म पानी में पैर भिगोना, हल्की मालिश या कुछ घरेलू सामग्री का इस्तेमाल।
गर्म या ठंडी सिकाई और हल्की स्ट्रेचिंग जैसी सामान्य देखभाल कुछ लोगों को अस्थायी राहत दे सकती है। लेकिन हल्दी दूध, सिरका, सरसों, विभिन्न तेलों या अन्य घरेलू मिश्रणों को एड़ी दर्द का निश्चित इलाज नहीं माना जा सकता।
त्वचा पर कोई घरेलू मिश्रण लगाने से पहले एलर्जी या जलन की संभावना का ध्यान रखें। यदि दर्द लगातार बना हुआ है तो घरेलू उपायों के भरोसे इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए।

क्या एड़ी का दर्द यूरिक एसिड की वजह से हो सकता है?

हर एड़ी दर्द को यूरिक एसिड से जोड़ना सही नहीं है। गाउट जैसी स्थिति में शरीर के किसी जोड़ में यूरिक एसिड के क्रिस्टल जमा होने से अचानक तेज दर्द, सूजन और लालिमा हो सकती है। यदि एड़ी या आसपास के जोड़ में अचानक बहुत तेज दर्द और सूजन हो, तो चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।

क्या कैल्शियम या विटामिन-D की कमी से एड़ी दर्द होता है?

एड़ी में दर्द होने का एकमात्र कारण कैल्शियम या विटामिन-D की कमी नहीं होती। हालांकि, पोषण की कमी हड्डियों और मांसपेशियों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। इसलिए बिना जांच के कैल्शियम या विटामिन-D की दवा शुरू करने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना उचित है।

एड़ी दर्द से बचाव के लिए अपनाएं ये आदतें

एड़ी की समस्या से बचने के लिए रोजमर्रा की कुछ आदतों पर ध्यान दिया जा सकता है:
• आरामदायक और सही फिटिंग वाले जूते पहनें।
• व्यायाम की तीव्रता अचानक न बढ़ाएं।
• दौड़ने या खेलकूद से पहले वार्म-अप करें।
• शारीरिक गतिविधि के बाद हल्की स्ट्रेचिंग करें।
• लंबे समय तक लगातार खड़े रहने से बचें।
• वजन को स्वस्थ सीमा में रखने की कोशिश करें।
• घिसे हुए जूतों को समय पर बदलें।
• दर्द होने पर शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें।

सुबह उठते ही एड़ी में दर्द हो तो क्या करें?

अगर सुबह बिस्तर से उठते समय एड़ी में दर्द होता है, तो तुरंत तेज चलने या दौड़ने के बजाय कुछ हल्की स्ट्रेचिंग की जा सकती है। बिस्तर से उठने से पहले पैर और टखने को धीरे-धीरे हिलाना भी उपयोगी हो सकता है।
यदि यह समस्या बार-बार हो रही है या कई दिनों तक बनी हुई है, तो इसका कारण जानने के लिए डॉक्टर से परामर्श करना बेहतर है।

डॉक्टर के पास कब जाना जरूरी है?

एड़ी का दर्द लगातार बना रहे, बढ़ता जाए या रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित करने लगे तो चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

खास तौर पर इन स्थितियों में डॉक्टर से संपर्क करें:
• चोट लगने के बाद अचानक तेज दर्द होना।
• पैर पर वजन रखने में परेशानी होना।
• एड़ी में लगातार सूजन या लालिमा रहना।
• दर्द कई दिनों तक आराम के बावजूद कम न होना।
• एड़ी के आसपास त्वचा गर्म महसूस होना।
• बुखार के साथ पैर में दर्द या सूजन होना।
• चलने की क्षमता लगातार कम होना।
• दर्द इतना बढ़ जाना कि सामान्य काम करना मुश्किल हो जाए।

एड़ी में दर्द के कई कारण हो सकते हैं और हर दर्द का इलाज एक जैसा नहीं होता। गलत जूते, अधिक वजन, लंबे समय तक खड़े रहना और शारीरिक गतिविधि में अचानक बढ़ोतरी जैसी वजहों से सामान्य दर्द हो सकता है, जबकि लगातार या गंभीर दर्द किसी चिकित्सकीय समस्या का संकेत भी हो सकता है।
आराम, उचित जूते, ठंडी सिकाई और हल्की स्ट्रेचिंग जैसे उपाय शुरुआती परेशानी में मदद कर सकते हैं। लेकिन दर्द लंबे समय तक बना रहे, बढ़ता जाए या पैर पर वजन रखना मुश्किल हो, तो डॉक्टर से जांच कराना सबसे सुरक्षित विकल्प है।

 

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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