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Jharkhand Weather Alert: झारखंड में आज से मूसलाधार बारिश की चेतावनी, जानिये आज किन-किन जिलों के लिए जारी हुआ है IMD अलर्ट

Jharkhand Weather Alert: बंगाल की खाड़ी में बने Well Marked Low Pressure Area के असर से झारखंड में  31 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी। 1 और 2 सितंबर को भी भारी बारिश के आसार।

रांची। Jharkhand Weather Forecast: झारखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब मजबूत होकर Well Marked Low Pressure Area में बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से झारखंड में 31 अगस्त को कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने झारखंड में 31 अगस्त से 3 सितंबर तक गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है, जबकि झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।

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31 अगस्त को जिलावार अलर्ट

• ऑरेंज अलर्ट (भारी से बहुत भारी बारिश): गढ़वा, पलामू, लातेहार, चतरा, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम।
• येलो अलर्ट (भारी बारिश): हजारीबाग, बोकारो, कोडरमा, रांची, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, गिरिडीह और धनबाद।
1 सितंबर को अलर्ट
• येलो अलर्ट: गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, रांची, खूंटी, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम।
2 सितंबर को अलर्ट
• येलो अलर्ट: गुमला, सिमडेगा, खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम।

मौसम विभाग की अपील: भारी बारिश, तेज हवा और गरज-चमक के दौरान लोग सुरक्षित स्थानों पर रहें। अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखें।

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30 और 31 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना

IMD के मुताबिक, 31 अगस्त 2026 की सुबह 8:30 बजे बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और उससे सटे पश्चिम बंगाल तथा उत्तरी ओडिशा के तटों पर कम दबाव का क्षेत्र एक सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र (Well Marked Low Pressure Area) के रूप में मौजूद था।

इस मौसम प्रणाली के अगले 24 घंटे के दौरान उत्तरी ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से झारखंड में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

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मौसम विभाग ने साफ तौर पर कहा है कि 31 अगस्त को झारखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। ऐसे में कई इलाकों में जलभराव और यातायात संबंधी परेशानी बढ़ सकती है।

झारखंड और बिहार से होकर गुजर रही है ट्रफ

IMD की विज्ञप्ति के अनुसार, Well Marked Low Pressure Area के केंद्र से जुड़ी एक ट्रफ निचले क्षोभमंडल स्तर पर झारखंड और बिहार से होते हुए उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश तक फैली हुई है।इस ट्रफ के कारण झारखंड में नमी का प्रवाह बढ़ने और बारिश की गतिविधियों को मजबूती मिलने की संभावना है। यही कारण है कि राज्य में लगातार कई दिनों तक बारिश और गरज-चमक का दौर बना रह सकता है।

31 अगस्त से 2 सितंबर तक व्यापक बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 31 अगस्त से 2 सितंबर तक झारखंड में कई स्थानों पर व्यापक बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं तेज बारिश भी हो सकती है।इसके बाद 3 से 5 सितंबर के बीच राज्य में बारिश की गतिविधियां कुछ कम हो सकती हैं। हालांकि, इस अवधि में भी झारखंड के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

1 और 2 सितंबर को भी भारी बारिश का अलर्ट

झारखंड में बारिश का दौर केवल अगस्त के आखिरी दिनों तक ही सीमित नहीं रहेगा। IMD ने 1 और 2 सितंबर को भी राज्य के कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है।मौसम विभाग के अनुसार 1 से 2 सितंबर के बीच झारखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। ऐसे में सितंबर की शुरुआत भी कई इलाकों में बारिश के साथ होने के आसार हैं।

31 अगस्त से 3 सितंबर तक तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी

IMD ने झारखंड में 31 अगस्त से 3 सितंबर तक गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और झोंकों के साथ रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है।मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से गरज-चमक के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की जरूरत है।

इन इलाकों में हो सकती है तेज बारिश

मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार झारखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़क पर पानी जमा होने और छोटे नालों व नदियों का जलस्तर बढ़ने की स्थिति बन सकती है।लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर पहाड़ी, नदी-नालों के आसपास और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

31 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

IMD की विज्ञप्ति के अनुसार, निम्न दबाव का यह क्षेत्र अगले 24 घंटे के दौरान उत्तरी ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ सकता है। इसके प्रभाव से 31 अगस्त को झारखंड के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने गढ़वा, पलामू, लातेहार, चतरा, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

वहीं हजारीबाग, बोकारो, कोडरमा, रांची, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, गिरिडीह और धनबाद में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

1 सितंबर को भी कई जिलों में भारी बारिश की संभावना

एक सितंबर को भी राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। मौसम विभाग ने गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, रांची, खूंटी, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, 1 और 2 सितंबर को झारखंड में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं का भी असर देखने को मिल सकता है।

2 सितंबर को इन जिलों में अलर्ट

2 सितंबर को झारखंड के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इस दिन गुमला, सिमडेगा, खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।

31 अगस्त से 3 सितंबर तक तेज हवाओं की चेतावनी

IMD के अनुसार, झारखंड में 30 अगस्त से 3 सितंबर के दौरान कई स्थानों पर तेज हवाएं चलने की संभावना है। हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है, जबकि झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
बारिश के दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

क्या है Well Marked Low Pressure Area?

मौसम विज्ञान में Well Marked Low Pressure Area उस स्थिति को कहा जाता है, जब किसी क्षेत्र में बना निम्न दबाव तंत्र और अधिक मजबूत और स्पष्ट हो जाता है। इसके कारण आसपास के क्षेत्रों में नमी बढ़ती है और बादल बनने के साथ बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

वर्तमान मौसम प्रणाली बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट के आसपास सक्रिय है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने से झारखंड के मौसम पर इसका प्रभाव पड़ रहा है।

झारखंड में अगले कुछ दिन कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग की विज्ञप्ति के आधार पर झारखंड में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। 31 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 1 और 2 सितंबर को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 31 अगस्त से 2 सितंबर तक राज्य में व्यापक बारिश का दौर रहने का अनुमान है, जबकि 3 से 5 सितंबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

Jharkhand Weather Forecast का मुख्य अपडेट

• 31 अगस्त: कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना।
• 31 अगस्त से 2 सितंबर: राज्य में व्यापक बारिश का अनुमान।
• 31 अगस्त से 3 सितंबर: गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना।
• हवा की रफ्तार: 30-40 किमी प्रति घंटा, झोंकों के साथ 50 किमी प्रति घंटा तक।
• 1 और 2 सितंबर: अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना।
• 3 से 5 सितंबर: अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर।

कुल मिलाकर, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मजबूत निम्न दबाव क्षेत्र के कारण झारखंड में अगस्त के आखिरी दिनों और सितंबर की शुरुआत में बारिश का जोर बना रहने की संभावना है। IMD की चेतावनी को देखते हुए लोगों को तेज बारिश, जलभराव, तेज हवाओं और गरज-चमक के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

IMD की विज्ञप्ति में झारखंड के लिए 31 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश, 1-2 सितंबर को भारी बारिश तथा 31 अगस्त से 3 सितंबर तक तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना जताई गई है।

 

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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