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Jharkhand Cabinet Meeting: हेमंत सोरेन कैबिनेट की बैठक आज, बोनस से लेकर विधानसभा सत्र तक इन प्रस्तावों पर नजर, 20 से ज्यादा प्रस्तावों पर लगेगी मुहर

झारखंड में हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक आज दोपहर 3 बजे होगी। बोनस, विधानसभा विशेष सत्र, सचिवालय नियमावली और जेपीएससी नियुक्ति पर फैसले संभव।

रांची। हेमंत कैबिनेट की अहम बैठक आज होने वाली है। दीपावली के पूर्व होने वाली इस बैठक में कई बड़े फैसले होने वाले हैं। खास बात ये है कि दो बार स्थगित होने के बाद ये कैबिनेट आयोजित हो रही है, लिहाजा इस बैठक में 20 से ज्यादा प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक आज दोपहर 3 बजे प्रोजेक्ट भवन सचिवालय स्थित मंत्रालय भवन में निर्धारित है।

लंबे अंतराल के बाद होने वाली इस बैठक में तीन दर्जन से अधिक प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र, सचिवालय कर्मचारियों की संशोधित नियमावली, जेपीएससी के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति और किसानों को धान पर बोनस देने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर फैसला हो सकता है।

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तीन दर्जन से अधिक प्रस्तावों पर हो सकता है मंथन

कैबिनेट की बैठक के लिए तीन दर्जन से अधिक प्रस्ताव मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। सीएमओ से स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित प्रस्तावों को मंत्रिपरिषद की बैठक में विचार के लिए रखा जाएगा।राज्य सरकार की इस बैठक पर विभिन्न विभागों की नजरें टिकी हुई हैं। हालांकि, प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय कैबिनेट की चर्चा और स्वीकृति के बाद ही स्पष्ट होगा।

खनिज सेस के मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी

बैठक के प्रमुख एजेंडों में खनिज सेस की वसूली से जुड़ा मुद्दा भी शामिल हो सकता है। इस विषय पर चर्चा के लिए झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की संभावना जताई जा रही है।सूत्रों के अनुसार, विशेष सत्र नवंबर के पहले सप्ताह में आयोजित किया जा सकता है। इसके दो दिनों का होने की संभावना भी है।

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हालांकि, सत्र की तारीख और अवधि पर अंतिम निर्णय कैबिनेट की बैठक में होने की उम्मीद है।यदि मंत्रिपरिषद विशेष सत्र बुलाने को मंजूरी देती है, तो संबंधित प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद ही सत्र आयोजित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

किसानों के धान बोनस पर भी टिकी नजरें

झारखंड के किसानों के लिए भी यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खरीफ विपणन मौसम 2026-27 के लिए धान पर बोनस देने के प्रस्ताव को लेकर निर्णय होने की संभावना है।धान खरीद के दौरान किसानों को मिलने वाले अतिरिक्त भुगतान और बोनस की दर को लेकर सरकार के फैसले का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि, बोनस की राशि और अंतिम व्यवस्था को लेकर आधिकारिक घोषणा होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

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सचिवालय कर्मचारियों की नियमावली और जेपीएससी नियुक्ति पर चर्चा संभव

कैबिनेट की बैठक में सचिवालय कर्मचारियों के लिए संशोधित नियमावली से जुड़े प्रस्ताव पर भी विचार किया जा सकता है। इसके अलावा झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति का विषय भी संभावित एजेंडे में शामिल है।इन प्रस्तावों पर निर्णय होने से संबंधित विभागों और अभ्यर्थियों को आगे की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता मिल सकती है।

दो बार स्थगित हो चुकी थी कैबिनेट की बैठक

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट की बैठक पहले भी दो बार निर्धारित होकर स्थगित करनी पड़ी थी। पहली बार मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की पुत्री के निधन के बाद बैठक टाल दी गई थी।
इसके बाद 7 अक्टूबर को प्रस्तावित बैठक मुख्यमंत्री की मां रूपी सोरेन की तबीयत बिगड़ने के कारण स्थगित कर दी गई थी। उसी दिन रूपी सोरेन का निधन हो गया था।अब लंबे अंतराल के बाद प्रस्तावित इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और नीतिगत मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

बैठक के फैसलों पर रहेगी सबकी नजर

झारखंड कैबिनेट की बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र, धान बोनस, सचिवालय कर्मचारियों की नियमावली और जेपीएससी नियुक्तियों जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण रहेंगे। इन प्रस्तावों पर सरकार की ओर से लिए जाने वाले फैसलों का असर किसानों, सरकारी कर्मचारियों और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े अभ्यर्थियों पर पड़ सकता है।हालांकि, सभी संभावित प्रस्तावों पर निर्णय होने की पुष्टि बैठक के बाद जारी आधिकारिक कैबिनेट फैसलों से ही होगी।

 

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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