Fruits Storage Tips: केले के पास भूलकर भी न रखें ये फल, जानिये क्या कहते हैं विशेषज्ञ, इन 5 फलों को रखें दूर
केला पकने पर एथिलीन गैस छोड़ता है, जिससे कुछ फल जल्दी पक सकते हैं। जानिए सेब, नाशपाती, आम समेत किन फलों को अलग रखें और केले को ताजा रखने के आसान तरीके।

Health Tips: फल सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं, लेकिन कई बार सही तरीके से स्टोर नहीं करना नुकसानदायक हो सकता है। खासकर केला ऐसा फल है, जिसे दूसरे फलों के साथ रखते समय सावधानी बरतनी चाहिए। दरअसल, केला पकने के दौरान एथिलीन नाम की प्राकृतिक गैस छोड़ता है, जो आसपास रखे कुछ फलों के पकने की प्रक्रिया को तेज कर सकती है। ऐसे में अगर आप भी फलों को कई दिनों तक ताजा रखना चाहते हैं, तो उनके भंडारण का सही तरीका जानना जरूरी है।
केले के पास रखने से क्यों जल्दी पकने लगते हैं दूसरे फल?
केला पकने के दौरान एथिलीन गैस उत्सर्जित करता है। यह पौधों में प्राकृतिक रूप से बनने वाला हार्मोन है, जो फलों के पकने, रंग बदलने और नरम होने जैसी प्रक्रियाओं को नियंत्रित करता है।
जब केले के साथ एथिलीन के प्रति संवेदनशील फल रखे जाते हैं, तो उनमें पकने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। इसका असर फल की ताजगी और उसे सुरक्षित रखने की अवधि पर पड़ सकता है।
हालांकि, एथिलीन गैस के संपर्क में आने से फल अपने आप खाने के लिए असुरक्षित नहीं हो जाते। उनकी वास्तविक स्थिति, सड़न और फफूंद जैसे संकेतों को देखकर ही तय करना चाहिए कि फल खाने योग्य है या नहीं।
केले से दूर रखें ये 5 फल
अगर आप फलों को लंबे समय तक ताजा रखना चाहते हैं, तो केले और दूसरे फलों को अलग-अलग रखना फायदेमंद हो सकता है।
1. सेब
सेब भी एथिलीन गैस छोड़ता है और उसके प्रति संवेदनशील फलों के पकने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। केले और सेब को अलग रखने से अन्य संवेदनशील फलों के पकने की गति को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
2. नाशपाती
नाशपाती पकने के दौरान नरम होने लगती है। एथिलीन के संपर्क में आने से इसकी पकने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। इसे केले से अलग रखना बेहतर है, खासकर जब नाशपाती पहले से पकने लगी हो।
3. एवोकाडो
एवोकाडो को अक्सर कच्चा खरीदा जाता है और कुछ दिनों में पकाया जाता है। यदि इसे केले के साथ रखा जाए, तो एथिलीन के प्रभाव से यह जल्दी पक सकता है। यदि आप इसे धीरे-धीरे पकाना चाहते हैं, तो दोनों को अलग रखें।
4. कीवी
कीवी भी एथिलीन के प्रति संवेदनशील होता है। केले के पास रखने से इसकी पकने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। लंबे समय तक ताजा रखने के लिए इसे अलग स्टोर करना उपयोगी है।
5. आम
आम पकने के दौरान एथिलीन के प्रभाव से तेजी से नरम हो सकता है। यदि आम अभी कच्चा है और आप उसे धीरे-धीरे पकाना चाहते हैं, तो केले से अलग रखना बेहतर होगा।
केले को लंबे समय तक ताजा रखने के 5 आसान तरीके
1. ठंडी और हवादार जगह पर रखें
केले को सीधी धूप, अत्यधिक गर्मी और बंद, गर्म जगह से दूर रखें। सामान्य कमरे के तापमान पर हवादार स्थान इसके लिए अच्छा विकल्प है।
2. दूसरे फलों से अलग रखें
केले को सेब, नाशपाती, एवोकाडो और अन्य पकने वाले फलों से अलग रखने से एथिलीन के साझा प्रभाव को कम किया जा सकता है।
3. डंठल को ढककर देखें
केले के गुच्छे के डंठल वाले हिस्से को प्लास्टिक रैप या फॉयल से ढकने से पकने की गति कुछ हद तक प्रभावित हो सकती है। हालांकि, इससे केले लंबे समय तक खराब नहीं होंगे, इसकी गारंटी नहीं है।
4. पके केले फ्रिज में रख सकते हैं
जब केले पूरी तरह पक जाएं, तो उन्हें फ्रिज में रखा जा सकता है। ठंड के कारण उनका छिलका भूरा या काला पड़ सकता है, लेकिन अंदर का गूदा कुछ समय तक ठीक रह सकता है। खाने से पहले उसकी गंध, बनावट और खराब होने के संकेत जरूर जांचें।
5. कच्चे केले को कमरे के तापमान पर पकने दें
बहुत ठंडे तापमान में कच्चे केले रखने से उनका सामान्य तरीके से पकना प्रभावित हो सकता है। इसलिए उन्हें पहले कमरे के तापमान पर पकने दें और पक जाने पर जरूरत के अनुसार फ्रिज में रखें।
क्या केले के साथ दूसरे फल रखने से सेहत को नुकसान होता है?
नहीं, केवल केले के पास रखने से दूसरे फल जहरीले नहीं हो जाते। एथिलीन एक प्राकृतिक पादप हार्मोन है और फलों के पकने की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।मुख्य समस्या यह है कि कुछ फल उम्मीद से पहले पक सकते हैं और उनकी गुणवत्ता जल्दी कम हो सकती है। इसलिए फलों को अलग रखना उनकी ताजगी बनाए रखने का एक आसान तरीका है।
ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि घर में रखे फल लंबे समय तक ताजा रहें, तो उन्हें स्टोर करने के तरीके पर ध्यान देना जरूरी है। केला पकने के दौरान एथिलीन गैस छोड़ता है, जो सेब, नाशपाती, एवोकाडो, कीवी और आम जैसे फलों के पकने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
केले को हवादार जगह पर रखें, कच्चे और पके फलों को जरूरत के अनुसार अलग करें और पूरी तरह पक चुके केले फ्रिज में रख सकते हैं। इन छोटी-छोटी सावधानियों से फलों की बर्बादी कम करने में मदद मिल सकती है।












