Teacher News: शिक्षकों की हाजिरी में गड़बड़ी पर हाई स्पीड एक्शन, उसी दिन होगी जांच और कार्रवाई, शिक्षा विभाग का सख्त प्लान
शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी की रोजाना जांच होगी। 30 से अधिक शिक्षकों की तकनीकी जांच, अनुपस्थिति की रिपोर्ट शाम 5 बजे तक भेजने का निर्देश।

Teacher News। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। शिक्षा विभाग ने तय किया है कि शिक्षकों की अनुपस्थिति पर अब एक्शन में देरी नहीं होगी, बल्कि उसी दिन एक्शन होगा। शिक्षा विभाग ने इसे लेकर प्लान तैयार कर लिया है। बांका और भागलपुर जिले के स्कूलों में शिक्षकों की हाजिरी से जुड़ी शिकायतों के बाद क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक सुभाष कुमार गुप्ता ने निगरानी व्यवस्था कड़ी करने का निर्देश जारी किया है।
मिली जानकारी के मुताबिक अब ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज शिक्षकों की उपस्थिति की प्रतिदिन जांच होगी। अनुपस्थित पाए जाने वाले शिक्षकों की जानकारी उसी दिन शाम 5 बजे तक संबंधित अधिकारियों को भेजनी होगी, ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।विभाग का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना और हाजिरी में किसी भी तरह की गड़बड़ी पर समय रहते कार्रवाई करना है। वहीं, उपस्थिति संबंधी शिकायतों की जांच के लिए तकनीकी टीम की भी मदद ली जा रही है।
उसी दिन जांच, शाम 5 बजे तक भेजनी होगी रिपोर्ट
क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) और लेखापाल को प्रतिदिन ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर शिक्षकों की उपस्थिति जांचने की जिम्मेदारी दी गई है।
यदि कोई शिक्षक अनुपस्थित पाया जाता है, तो उसकी जानकारी उसी दिन शाम 5 बजे तक जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, स्थापना को भेजनी होगी। संबंधित अधिकारी मामले में नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।
इसके अलावा, अगले दिन रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी को उपलब्ध करानी होगी। वहां से रिपोर्ट प्रमंडल शिक्षा कार्यालय तक भेजी जाएगी। इस व्यवस्था के जरिए उपस्थिति की निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह बनाने की कोशिश की जा रही है। शिक्षा विभाग के मुताबिक प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीइओ) को शिक्षा विभाग के प्रशासनिक प्रतिनिधि के रूप में बीपीएमयू का नेतृत्व करना होगा।
प्रतिदिन उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी
टीम में प्रखंड परियोजना प्रबंधक, जूनियर मैनेजर (टेक्निकल-सिविल), प्रखंड साधन सेवी, मुख्य साधन सेवी, लेखा सहायक, डाटा एंट्री ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर और आदेशपाल सहित 14 सदस्य शामिल होंगे। इनमें बिहार शिक्षा परियोजना परिषद, शिक्षा विभाग और मध्याह्न भोजन योजना से जुड़े कर्मियों को भी शामिल किया गया है।
घर बैठे हाजिरी और इन-आउट में गड़बड़ी की शिकायत
शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर विभाग के सामने कई तरह की शिकायतें आई हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, कुछ शिक्षक ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर इन यानी उपस्थिति दर्ज करते हैं, लेकिन आउट यानी स्कूल छोड़ने का समय दर्ज नहीं करते।इसके अलावा, कुछ शिक्षकों द्वारा घर बैठे ही ऑनलाइन हाजिरी बनाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
इन शिकायतों की सच्चाई का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच कराई जा रही है।हालांकि, शिकायत सामने आने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित सभी शिक्षकों के खिलाफ आरोप साबित हो चुके हैं। जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
30 से अधिक शिक्षकों की तकनीकी जांच
ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज उपस्थिति को लेकर 30 से अधिक शिक्षकों की तकनीकी जांच कराए जाने की जानकारी सामने आई है।विभागीय सूत्रों के अनुसार, पीरपैंती, कहलगांव, नारायणपुर, रंगरा चौक, सुल्तानगंज और सन्हौला के अलावा नगर निगम क्षेत्र के शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर भी शिकायतें मिली हैं।
तकनीकी जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पोर्टल पर दर्ज हाजिरी निर्धारित नियमों के अनुरूप है या नहीं। जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने केवल शिक्षकों की उपस्थिति पर ही नहीं, बल्कि निगरानी करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी पर भी जोर दिया है।निर्देश के मुताबिक, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और लेखापाल को नियमित रूप से उपस्थिति की जांच करनी होगी।
अनुपस्थित शिक्षकों की रिपोर्ट समय पर नहीं भेजने या रिपोर्ट तैयार करने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।इसका मतलब है कि विभागीय निगरानी व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी से जवाब मांगा जा सकता है।












