जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर का मैनेजर ट्रेन से लापता, रांची से पटना जाने के क्रम में हुई….
MLC रिजल्ट से पहले जन सुराज के देवपालिक गुप्ता लापता, रांची से पटना जा रहे थे

रांची/पटना: चुनावी नतीजों से पहले जन सुराज पार्टी को बड़ा झटका लगा है। ट्रेन से सफ़र के दौरान प्रशांत किशोर का मैनेजर लापता हो गया है। खबर मिलते ही जांच में पुलिस जुट गई है।
बिहार में विधान परिषद (MLC) चुनाव के नतीजों से पहले प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। पार्टी के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपालिक गुप्ता सोमवार, 26 अक्टूबर को रांची से पटना जाते समय लापता हो गए। उनकी तलाश में रेल पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल जुटे हैं।
पैंट्री कार में सामान लेने गए, फिर नहीं लौटे
जानकारी के मुताबिक, 31 वर्षीय देवपालिक गुप्ता अपने दोस्त और सहकर्मी गौतम कुमार के साथ रांची से जनशताब्दी एक्सप्रेस में सवार हुए थे। ट्रेन दोपहर करीब 2:25 बजे रवाना हुई। लगभग 10 मिनट बाद देवपालिक ने खाने-पीने का सामान लेने के लिए पैंट्री कार जाने की बात कही, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटे।साथियों ने पहले पैंट्री कार और फिर ट्रेन के अन्य डिब्बों में उनकी तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला।
मोबाइल बंद, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
ट्रेन के मुरी जंक्शन पहुंचने पर उनके साथी ने राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) में शिकायत दर्ज कराई। रेलवे सुरक्षा बल के निरीक्षक संजीव सिंह के मुताबिक, मुरी स्टेशन के CCTV फुटेज की जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, देवपालिक रांची के बाद ट्रेन के पहले ठहराव मुरी में नहीं उतरते देखा गया है, फोन करने पर मोबाइल भी बंद बता रहा है।
देवपालिक उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के निवासी हैं और दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) के पूर्व छात्र बताए गए हैं। स्थानीय पुलिस और RPF की संयुक्त टीम उनकी तलाश कर रही है।
बिहार MLC चुनाव के दिन सामने आया मामला
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब 27 अक्टूबर को बिहार की आठ विधान परिषद सीटों के चुनाव परिणाम आने हैं। जन सुराज से जुड़े लोगों ने भी सोशल मीडिया पर देवपालिक को खोजने की अपील की है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि देवपालिक गुप्ता कहां हैं और वह किन परिस्थितियों में लापता हुए? उपलब्ध रिपोर्टों में उनकी तलाश जारी होने की जानकारी है। उनके मिलने या लापता होने के कारण को लेकर किसी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।












