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Jharkhand Teacher Recruitment: सहायक आचार्य भर्ती के संशोधित रिजल्ट के बाद काउंसिलिंग की तैयारी तेज, जानें किसे फिर से कराना होगा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

JSSC सहायक आचार्य संशोधित रिजल्ट के बाद काउंसिलिंग की तैयारी शुरू। किसे दोबारा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कराना होगा और किसे मिलेगी छूट? जानें पूरी जानकारी।

रांची। झारखंड में सहायक आचार्य बनने का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा का संशोधित परिणाम जारी किए जाने के बाद अब स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने काउंसिलिंग की तैयारी शुरू कर दी है।

विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि संशोधित परिणाम में पहली बार चयनित अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग कराई जाएगी। वहीं, जिन अभ्यर्थियों का नाम पुराने और संशोधित दोनों परिणामों में शामिल है, उनके लिए चयन की कोटि और आवंटित जिले के आधार पर अलग-अलग नियम लागू होंगे। विभागीय सचिव उमाशंकर सिंह ने इस संबंध में सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी कर दिया है।

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संशोधित रिजल्ट में चयनित अभ्यर्थियों की होगी काउंसिलिंग

विभाग के निर्देश के अनुसार, जिन अभ्यर्थियों का नाम पहली बार वर्तमान संशोधित अतिरिक्त परिणाम में शामिल हुआ है, उनकी काउंसिलिंग निर्धारित एसओपी के अनुसार तय समय पर कराई जाएगी। ऐसे अभ्यर्थियों को अपने शैक्षणिक और अन्य जरूरी प्रमाणपत्रों के साथ काउंसिलिंग में शामिल होना होगा।विभाग ने पुराने और संशोधित परिणाम में शामिल अभ्यर्थियों के लिए भी अलग-अलग व्यवस्था तय की है, ताकि काउंसिलिंग की प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी नहीं हो।

पुराने और नए रिजल्ट दोनों में नाम है तो दोबारा काउंसिलिंग जरूरी नहीं

विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों का नाम पुराने और संशोधित दोनों परिणामों में शामिल है और जिनकी चयन की कोटि तथा आवंटित जिला पहले जैसा ही है, उन्हें दोबारा काउंसिलिंग कराने की जरूरत नहीं होगी।हालांकि, ऐसे अभ्यर्थियों का नाम भी काउंसिलिंग की कार्यवाही पंजी में क्रमवार दर्ज किया जाएगा।

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अनारक्षित से आरक्षित कोटि में चयन हुआ तो होगा प्रमाणपत्रों का सत्यापन

संशोधित परिणाम में कुछ अभ्यर्थियों की चयन श्रेणी में बदलाव हुआ है। जिन अभ्यर्थियों का नाम पुराने और संशोधित दोनों परिणामों में है, लेकिन संशोधित परिणाम में उनका चयन अनारक्षित कोटि के बजाय आरक्षित कोटि में हुआ है, उनके प्रमाणपत्रों का दोबारा सत्यापन किया जाएगा।ऐसे अभ्यर्थियों को अपनी संबंधित आरक्षित श्रेणी के जरूरी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने होंगे। विभाग का निर्देश है कि उनकी पात्रता से जुड़े दस्तावेजों का फिर से सत्यापन किया जाए।

जिनका जिला बदल गया, उनके लिए अलग से आएगा आदेश

संशोधित परिणाम में कुछ अभ्यर्थियों का आवंटित जिला भी बदल गया है। ऐसे अभ्यर्थियों को सूचीबद्ध किया जाएगा और उनके मूल फोल्डर की छायाप्रति संबंधित जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय में सुरक्षित रखी जाएगी।

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इन अभ्यर्थियों के पदस्थापन और विरमन को लेकर राज्य स्तर से अलग से विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया जाएगा। यानी जिला बदलने वाले अभ्यर्थियों को आगे की प्रक्रिया के लिए विभाग के नए आदेश का इंतजार करना होगा।

पुराने रिजल्ट से बाहर हुए अभ्यर्थियों के लिए भी आएगा निर्देश

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों का नाम पुराने परिणाम में शामिल था, लेकिन वर्तमान संशोधित अतिरिक्त परिणाम में उनका नाम नहीं है, उनके संबंध में अलग से दिशा-निर्देश जारी किया जाएगा।ऐसे अभ्यर्थियों का नाम काउंसिलिंग की कार्यवाही पंजी में दर्ज नहीं किया जाएगा। विभाग की ओर से आगे की प्रक्रिया को लेकर अलग आदेश जारी किया जाएगा।

अभ्यर्थियों के लिए क्या है विभाग का निर्देश?

सहायक आचार्य भर्ती के संशोधित परिणाम के बाद अब अभ्यर्थियों को अपनी चयन श्रेणी और आवंटित जिले की स्थिति ध्यान से देखनी होगी। खासकर आरक्षित श्रेणी में चयनित हुए और जिला परिवर्तन वाले अभ्यर्थियों को विभाग के अगले आदेश पर नजर रखनी चाहिए।विभाग ने सभी जिलों को काउंसिलिंग की प्रक्रिया निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी करने को कहा है। इससे संशोधित परिणाम के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ होगा।

 

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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