घूसखोर महिला अफसर गिरफ्तार: 10 लाख रुपये मांगी थी घूस, 50000 रुपये की पहली किस्त लेते रंगेहाथों पकड़ायी, फिर रोने लगी फूट-फूटकर…
Bribery-taking female officer arrested: She had demanded a bribe of Rs 10 lakh, was caught red-handed accepting the first installment of Rs 50,000, and then broke down in tears...

घूसखोर महिला अफसर को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। महिला अफसर का नाम अनीता कुमारी है। जो DPO के तौर पर पदस्थ थी। जानकारी के मुताबिक 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया है। हालांकि वो 10 लाख रुपये डिमांड कर रही थी। गिरफ्तारी के बाद महिला अफसर से पूछताछ चल रही है।
Lady Officer Arrest/20.2.26 : 50000 रुपये लेते महिला अफसर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि महिला अफसर ने 10 लाख रुपये की डिमांड की थी, जिसकी पहली किस्त आज वो ले रही थी। घटना बिहार की राजधानी पटना की है। जानकारी के मुताबिक आईसीडीएस ठाकुरगंज की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) अनीता कुमारी-2 को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
बिहार की विशेष निगरानी इकाई ने ये कार्रवाई की है। निगरानी टीम ने आरोपी अफसर को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। इस कार्रवाई के बाद विभागीय हलकों में हलचल तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई नागेंद्र कुमार की लिखित शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि संबंधित अफसर डीपीओ द्वारा गंभीर दबाव बनाते हुए रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायतकर्ता ने निगरानी विभाग को बताया कि अफसर ने आरोप पत्र गठित कर निलंबन की धमकी दी थी। आरोप था कि कार्रवाई से बचाने के बदले 10 लाख रुपये की मांग की गई।मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष निगरानी इकाई ने प्रारंभिक सत्यापन किया। जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।
इसके बाद निगरानी टीम ने जाल बिछाने की रणनीति तैयार की। तय योजना के अनुसार, शिकायतकर्ता को रिश्वत की आंशिक राशि देने के लिए कहा गया।पूर्व निर्धारित योजना के तहत जैसे ही आरोपी अफसर ने 50 हजार रुपये की राशि स्वीकार की, निगरानी टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के दौरान टीम ने आवश्यक साक्ष्य भी जब्त किए, जिससे मामले की कानूनी प्रक्रिया को मजबूती मिल सके।
इस प्रकरण में भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 7 के तहत कांड संख्या 08/2026 दर्ज की गई है। निगरानी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी अफसर से पूछताछ की जा रही है। साथ ही, रिश्वत मांगने के पूरे घटनाक्रम और संभावित संलिप्त लोगों की भी जांच की जा रही है।जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वत मांगने के पीछे कोई व्यापक नेटवर्क या अन्य अफसर भी शामिल तो नहीं हैं। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।









