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शिक्षा विभाग की सबसे बड़ी कार्रवाई, 800 से ज्यादा शिक्षकों पर गिरी गाज, विभाग के फरमान को ठेंगा दिखाना पड़ा महंगा

Teacher News शिक्षा विभाग के निर्देशों को ठेंगा दिखाने वाले शिक्षकों पर गाज गिरी है। विभाग ने 800 शिक्षकों का वेतन रोक दिया है। शिक्षकों पर हुई इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मचा हुआ है। मामला बिहार के सीवान जिले का है, जहां शिक्षा विभाग ने सरकारी विद्यालयों में नामांकन अभियान को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय समीक्षा में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद सीवान जिले के 106 प्राथमिक और मध्य विद्यालयों के 700 से अधिक शिक्षकों के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गई है।

इस कार्रवाई की जद में प्रधानाध्यापक, प्रधान शिक्षक और बीपीएससी के माध्यम से नियुक्त शिक्षक भी शामिल हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 में छह से 14 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों का विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। विशेष रूप से कक्षा एक में नए बच्चों के अधिकाधिक नामांकन पर जोर दिया गया था, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रह जाए।

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समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई विद्यालयों ने नामांकन बढ़ाने के लिए अपेक्षित प्रयास नहीं किए। घर-घर संपर्क अभियान चलाने, अभिभावकों को जागरूक करने तथा स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान कर उन्हें विद्यालय से जोड़ने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में लापरवाही बरती गई। इसका सीधा असर नामांकन के आंकड़ों पर देखने को मिला।

जांच में यह भी सामने आया कि नामांकन योग्य कई बच्चे अब भी विद्यालयों से बाहर हैं। शिक्षा विभाग ने इसे गंभीर प्रशासनिक और शैक्षणिक लापरवाही मानते हुए संबंधित शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया। जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) राघवेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश के बाद स्थापना शाखा ने संबंधित शिक्षकों के वेतन भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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अधिकारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं और विभागीय निर्देशों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई को पूरे राज्य के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। विभाग का स्पष्ट उद्देश्य है कि प्रत्येक योग्य बच्चा विद्यालय पहुंचे और नामांकन अभियान को केवल कागजी प्रक्रिया न समझा जाए। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी समीक्षा जारी रहेगी और लापरवाही बरतने वाले विद्यालयों तथा शिक्षकों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा विभाग का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की शुरुआत शत-प्रतिशत नामांकन से होती है और इस लक्ष्य को हासिल करने में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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