झारखंड कांस्टेबल भर्ती: सुप्रीम कोर्ट से 888 अभ्यर्थियों को बड़ी राहत, नियुक्ति का रास्ता साफ, 13 जुलाई तक रिपोर्ट देने को कहा…
Jharkhand Constable Recruitment: Major Relief for 888 Candidates from the Supreme Court; Path Cleared for Appointment; Court Directs Submission of Report by July 13...

रांची। झारखंड कांस्टेबल भर्ती 2015 के अभ्यर्थियों के लिए सुप्रीम कोर्ट से अच्छी खबर आयी है। सुप्रीम कोर्ट ने 888 अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। शीर्ष अदालत ने झारखंड सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) को इस बात का निर्देश दिया है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े इन अभ्यर्थियों के दावों पर उपलब्ध रिक्त पदों के विरुद्ध पुनर्विचार किया जाए। अदालत के इस फैसले से करीब नौ वर्षों से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे सैकड़ों युवाओं में नई उम्मीद जगी है।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ ने 3 जून 2026 को विशेष अनुमति याचिकाओं (SLP) पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। यह मामला झारखंड हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ दायर किया गया था, जिसमें अभ्यर्थियों की नियुक्ति संबंधी मांग को अस्वीकार कर दिया गया था।
साल 2015 में जारी कांस्टेबल भर्ती विज्ञापन संख्या 04/2015 के तहत इन अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उन्होंने प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा, मेडिकल जांच और दस्तावेज सत्यापन सहित भर्ती प्रक्रिया के सभी चरण सफलतापूर्वक पूरे किए थे। इसके बावजूद 29 मई 2017 को जारी अंतिम चयन सूची में उनका नाम शामिल नहीं किया गया।
दरअसल अभ्यर्थियों ने अदालत में दलील दी थी कि होमगार्ड और महिला आरक्षित श्रेणी में पर्याप्त उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में पद रिक्त रह गए थे। उन्होंने भर्ती नियमावली 2014 के प्रावधानों का हवाला देते हुए इन रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग की थी। हालांकि हाईकोर्ट की एकलपीठ और बाद में खंडपीठ ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी थी कि अभ्यर्थी अंतिम मेरिट सूची में शामिल नहीं थे और भर्ती प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से रिक्त और भरे गए पदों का विस्तृत ब्योरा मांगा था। सरकार ने अदालत को बताया कि 27 मई 2026 तक राज्य में कांस्टेबल के कुल 2,380 पद रिक्त हैं। इनमें 1,168 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जबकि 1,212 पद सामान्य रूप से भरे जा सकते हैं। अदालत के समक्ष यह भी बताया गया कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कुल 888 अभ्यर्थियों के मामले लंबित हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इन अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी, क्योंकि भर्ती प्रक्रिया को लगभग एक दशक बीत चुका है। साथ ही सभी अभ्यर्थियों का नया मेडिकल और शारीरिक दक्षता परीक्षण कराया जाएगा। उम्र के प्रभाव वाले मानकों को वर्तमान आयु के अनुसार समायोजित किया जाएगा।
अदालत ने निर्देश दिया है कि जो अभ्यर्थी मेडिकल और फिटनेस परीक्षण में सफल पाए जाएंगे, उन्हें नियुक्ति पत्र जारी किया जाए। उनकी वरिष्ठता वर्तमान कांस्टेबल सूची के अंतिम छोर पर रखी जाएगी, जबकि आपसी वरिष्ठता 2015 की मूल मेरिट सूची के आधार पर तय होगी।सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार और जेएसएससी को सभी प्रक्रियाएं पूरी कर 13 जुलाई 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई को होगी।








