close
LIVE UPDATE

बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ से नकल, आखिरी 5 मिनट में पकड़ा गया अभ्यर्थी, 12 गिरफ्तार, 17 FIR

बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा के अंतिम दिन बेतिया में ब्लूटूथ से नकल करते एक अभ्यर्थी को परीक्षा खत्म होने से 5 मिनट पहले गिरफ्तार किया गया। राज्यभर में कदाचार के आरोप में 12 अभ्यर्थी गिरफ्तार और 17 पर एफआईआर दर्ज हुई।

Police Recruitment। पुलिस भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। परीक्षा के दौरान गड़बड़ी के मामले 17 FIR दर्ज की गयी है, वहीं 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।  बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा में पश्चिम चंपारण के बेतिया से हाईटेक नकल का मामला सामने आया है। विपिन उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र पर एक परीक्षार्थी को कान में ब्लूटूथ डिवाइस लगाकर परीक्षा देते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया।

सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता से परीक्षा समाप्त होने से महज पांच मिनट पहले इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर तैनात बिहार पुलिस के जवानों को एक अभ्यर्थी की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। उसकी जांच करने पर उसके कान में बेहद छोटा ब्लूटूथ डिवाइस मिला, जिसके जरिए वह बाहर से उत्तर प्राप्त कर परीक्षा दे रहा था।

अभ्यर्थी से डिजिटल उपकरण बरामद होने के बाद उसे तत्काल हिरासत में ले लिया गया।गिरफ्तार अभ्यर्थी की पहचान बिहार के नवादा जिले के पताहा गांव निवासी अजय कुमार के रूप में हुई है। पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि उसने यह डिवाइस स्वयं इस्तेमाल किया था या इसके पीछे कोई संगठित नकल गिरोह सक्रिय है।

इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि अभ्यर्थी परीक्षा समाप्त होने से सिर्फ पांच मिनट पहले पकड़ा गया। यदि सुरक्षाकर्मियों की नजर उस पर नहीं पड़ती तो वह आसानी से परीक्षा पूरी कर बाहर निकल जाता। इस घटना के बाद परीक्षा केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।

सवाल ये उठता है कि इतनी सख्त जांच और सुरक्षा के बावजूद अत्याधुनिक डिजिटल डिवाइस परीक्षा केंद्र के भीतर कैसे पहुंच गया, इसकी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि इस्तेमाल किया गया ब्लूटूथ डिवाइस इतना छोटा था कि वह आसानी से कान के अंदर फिट हो गया और शुरुआती जांच में पकड़ में नहीं आया।

इधर, बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (CSBC) ने दावा किया है कि व्यापक सुरक्षा इंतजामों के कारण अधिकांश स्थानों पर परीक्षा शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न हुई। आयोग के अनुसार परीक्षा के दौरान कदाचार के आरोप में अब तक 17 अभ्यर्थियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि 12 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया है।

पटना, नवादा, कैमूर, मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, दरभंगा, कटिहार, मुंगेर और खगड़िया समेत नौ जिलों में कुल 11 एफआईआर दर्ज की गई हैं। आयोग ने बताया कि मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल, चलंत दस्ता सिपाही, बिहार पुलिस विशेष शाखा और बिहार पुलिस दूरसंचार इकाई के विभिन्न पदों के लिए आयोजित परीक्षा की निगरानी पटना स्थित अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से की गई।

राज्यभर के 544 और 431 परीक्षा केंद्रों की लाइव सीसीटीवी मॉनिटरिंग के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई, जिससे समय रहते कार्रवाई संभव हो सकी।पुलिस अब बरामद ब्लूटूथ डिवाइस, डिजिटल उपकरण और संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है। आशंका है कि इस मामले के तार किसी बड़े नकल गिरोह से जुड़े हो सकते हैं।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *