Teacher Recruitment 2026: शिक्षक भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव, अब बिना परीक्षा दिये ही बनेंगे सरकारी शिक्षक, जानिये कैसे होगी अब शिक्षकों की भर्तियां
सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को आसान बनाने की तैयारी में है। नए प्रस्तावित नियमों के तहत अब अलग से चयन परीक्षा नहीं होगी। उम्मीदवारों का चयन केवल TET परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा। TET स्कोर दो साल तक मान्य रहेगा।

Teacher Vacancy। शिक्षक की भर्तियां अब आसान नहीं है। शिक्षक बनने की योग्यता, पात्रता व नियुक्ति तक की प्रक्रिया के लिए चार अलग-अलग स्तर पर परीक्षा देनी होती है। सबसे पहले बीएड कोर्स में दाखिले के लिए एंट्रेंस एग्जाम देना होता है, फिर बीएड पास करने के लिए परीक्षा, उसके बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा यानि TET की परीक्षा और फिर उसके बाद शिक्षक भर्ती के लिए चयन परीक्षा …। लेकिन अब शिक्षक भर्ती के लिए परीक्षा की ये प्रक्रिया कम हो गयी है।
इसकी शुरुआत मध्य प्रदेश सरकार करने जा रही है। सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में सरकार बड़ा बदलाव करने जा रही है। प्रस्तावित नए नियमों के तहत अब शिक्षक बनने के लिए अलग से भर्ती चयन परीक्षा (Selection Exam) आयोजित नहीं की जाएगी। अभ्यर्थियों का चयन सीधे टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।
अब तक कैसे होती थी भर्ती?
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार शिक्षक बनने के लिए अभ्यर्थियों को पहले बीएड, डीएलएड या अन्य मान्यता प्राप्त शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरा करना होता है। इसके बाद TET परीक्षा उत्तीर्ण करनी पड़ती है। फिर भर्ती निकलने पर अलग से चयन परीक्षा आयोजित होती है, जिसकी मेरिट के आधार पर नियुक्तियां दी जाती हैं।अब सरकार इस अतिरिक्त परीक्षा को समाप्त करने की तैयारी में है।
TET स्कोर ही बनेगा भर्ती का आधार
प्रस्तावित नियमों के अनुसार राज्य कर्मचारी चयन मंडल (ESB) द्वारा आयोजित TET परीक्षा में प्राप्त अंक ही सरकारी शिक्षक भर्ती का आधार होंगे। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने कर्मचारी सेवा सुरक्षा परीक्षा नियम-2026 का प्रारूप तैयार कर लिया है। माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही इन नियमों को अंतिम मंजूरी देकर लागू कर सकती है।
दो साल तक मान्य रहेगा TET स्कोर
नई व्यवस्था में TET स्कोर की वैधता दो वर्ष होगी। यानी अभ्यर्थी एक बार परीक्षा देने के बाद अगले दो वर्षों तक उसी स्कोर के आधार पर निकलने वाली शिक्षक भर्तियों में आवेदन कर सकेंगे।यदि इस दौरान भर्ती नहीं निकलती या उम्मीदवार अपने अंक सुधारना चाहते हैं, तो वे दोबारा TET परीक्षा देकर बेहतर स्कोर हासिल कर सकेंगे।
भर्ती प्रक्रिया होगी आसान और पारदर्शी
सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से भर्ती प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और पारदर्शी होगी। अलग चयन परीक्षा समाप्त होने से अभ्यर्थियों का समय और आर्थिक खर्च भी बचेगा। साथ ही रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया भी तेजी से पूरी की जा सकेगी।
निजी स्कूलों के लिए भी बदले जाएंगे नियम
स्कूल शिक्षा विभाग निजी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के नियमों में भी बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। प्रस्ताव के अनुसार अब प्रदेश के निजी स्कूलों में भी केवल TET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की ही नियुक्ति की जा सकेगी।हालांकि निजी स्कूलों में भर्ती के लिए TET मेरिट लागू नहीं होगी, बल्कि केवल TET पास होना अनिवार्य रहेगा।
युवाओं को मिलेगी बड़ी राहत
शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए यह प्रस्ताव राहत भरा साबित हो सकता है। एक ही परीक्षा के आधार पर चयन होने से परीक्षा का बोझ कम होगा और भर्ती प्रक्रिया अधिक सरल हो जाएगी। साथ ही सरकार को भी रिक्त पदों को जल्द भरने में सुविधा मिलेगी।








