गुमला में ACB का बड़ा एक्शन: 50 हजार रुपये रिश्वत लेते डीएससी कार्यालय का बड़ा बाबू गिरफ्तार, शिक्षक संघ के नेता भी दबोचा गया
Major ACB action in Gumla: Head Assistant of the DSC office arrested while accepting a bribe of ₹50,000; retired teacher also nabbed.

गुमला: समाज में ज्ञान का अलख जगाने वाले शिक्षकों का शिक्षा विभाग में इन दिनों भ्रष्ट्राचार चरम पर है। स्कूलों में शिक्षा का अलख जगाने वाले शिक्षक को ही जब अपने पैसे निकालने के लिए घूस देना पड़े तो शिक्षक गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य का कितना ख्याल रख पाएंगे ये समझ से परे है..शिक्षा विभाग का गुमला जिला कार्यालय शिक्षा की उपलब्धि के लिए नहीं बल्कि घूसखोरी के लिए सुर्खियों में है।
झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। इसी कड़ी में मंगलवार (14 जुलाई 2026) को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) रांची की टीम ने गुमला जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएससी) कार्यालय में बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए प्रधान सहायक रंजीत कुजूर को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में एक सेवानिवृत्त शिक्षक और अल्पसंख्यक शिक्षक संघ के नेता वत्सीय रविकांत को भी गिरफ्तार किया गया है।

एरियर भुगतान और क्षेत्र स्थानांतरण मामले में मांगी गई थी रिश्वत
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, एक शिक्षक के एरियर भुगतान के बदले में 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायतकर्ता शिक्षक राजेश बाखला ने इसकी शिकायत ACB रांची से की थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पहले पूरे मामले का गुप्त सत्यापन किया और आरोप सही पाए जाने पर जाल बिछाया।
पैसे लेते ही दबोचे गए प्रधान सहायक
मंगलवार शाम तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता ने डीएससी कार्यालय के प्रधान सहायक रंजीत कुजूर को 50 हजार रुपये सौंपे। जैसे ही उन्होंने रिश्वत की रकम ली, पहले से घात लगाए बैठी एसीबी की टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।
4 वाहनों और 12 से अधिक अधिकारियों की तैयारी के साथ पहुंची थी टीम
एसीबी की टीम चार वाहनों में सवार होकर 12 से अधिक अधिकारियों के साथ गुमला डीएससी कार्यालय पहुंची थी। छापेमारी के दौरान जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम अपने कार्यालय कक्ष में मौजूद थे। कार्रवाई के बाद एसीबी टीम ने सेवानिवृत्त शिक्षक वत्सीय रविकांत को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में दोनों आरोपियों को अपने साथ रांची ले गई।
एसीबी ने क्हा….
एसीबी के डीएसपी ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर रांची लाया जा रहा है। मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जल्द ही विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी की जाएगी।
पहले भी एसीबी के निशाने पर रहा है शिक्षा विभाग
गौरतलब है कि गुमला जिले में पिछले कुछ वर्षों के दौरान शिक्षा विभाग में रिश्वतखोरी के कई मामले सामने आ चुके हैं। दो वर्ष पहले तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) भी अपने एक सहयोगी के साथ रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार हुए थे। इसके अलावा एक प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ) भी एसीबी के शिकंजे में आ चुके हैं।
इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं और जिले में भ्रष्टाचार को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।








