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IPS की कहानी : सिपाही की बेटी ने छोड़ी पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई, फिर 22 साल में बनी IPS, अब बनाया ये नया रिकार्ड

PS Preeti Yadav Success Story: पिता कांस्टेबल थे, बेटी ने बीच में छोड़ी पोस्ट ग्रेजुएशन और UPSC में हासिल की 466वीं रैंक। जानिए नोएडा की पहली महिला DCP बनने का सफर।

IPS Preeti Yadav Success Story: पिता पुलिस में कांस्टेबल थे, घर में वर्दी और अनुशासन का माहौल था। बेटी ने भी बचपन से पुलिस सेवा में जाने का सपना देखा, लेकिन इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने अपनी पढ़ाई और करियर की दिशा में बड़ा फैसला लिया। ग्रेजुएशन के दौरान ही सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई बीच में छोड़कर UPSC की तैयारी में जुट गईं।

अपनी मेहनत और लगन के दम पर प्रीति यादव ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2018 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 466 हासिल की और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में जगह बनाई। आज वही प्रीति यादव नोएडा जोन-1 की पहली महिला पुलिस उपायुक्त (DCP) बनकर चर्चा में हैं।

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हरियाणा के रेवाड़ी से ताल्लुक रखने वाली प्रीति यादव की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। आइए जानते हैं कांस्टेबल की बेटी के IPS अधिकारी बनने और नोएडा की पहली महिला DCP बनने तक का सफर।

पिता पुलिस में कांस्टेबल, बेटी ने चुनी वर्दी की राह

प्रीति यादव के पिता मुकेश यादव ने पुलिस विभाग में कांस्टेबल के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। बाद में वह असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) के पद तक पहुंचे। पिता को वर्दी में अपनी जिम्मेदारियां निभाते देखकर प्रीति के मन में भी पुलिस सेवा के प्रति सम्मान और आकर्षण पैदा हुआ।

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प्रीति ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके पिता उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा रहे हैं। बचपन से ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का सपना देखा था। पिता की नौकरी और उनके अनुभवों ने इस सपने को और मजबूत किया। परिवार का सहयोग और शिक्षकों का मार्गदर्शन भी उनकी सफलता में अहम रहा।

12वीं में 96.2 प्रतिशत अंक, ग्रेजुएशन में हासिल किया गोल्ड मेडल

प्रीति यादव पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रही हैं। उन्होंने ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम से 12वीं की परीक्षा 96.2 प्रतिशत अंकों के साथ पास की। इसके बाद उन्होंने भूगोल विषय में बीए ऑनर्स की पढ़ाई की। ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय में टॉप किया और 96 प्रतिशत अंकों के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया।पढ़ाई में शानदार प्रदर्शन के बावजूद उनका लक्ष्य सिर्फ अकादमिक सफलता हासिल करना नहीं था। वह सिविल सेवा में जाकर देश और समाज के लिए काम करना चाहती थीं।

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पोस्ट ग्रेजुएशन बीच में छोड़ा, UPSC को बनाया लक्ष्य

ग्रेजुएशन के दौरान ही प्रीति यादव ने तय कर लिया था कि उन्हें सिविल सेवा में जाना है। अपने इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन में दाखिला लिया, लेकिन बाद में पढ़ाई बीच में छोड़ने का फैसला किया।उन्होंने अपना पूरा ध्यान UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी पर लगा दिया। यह उनके करियर का एक महत्वपूर्ण फैसला था, क्योंकि उन्होंने एक साथ कई रास्तों पर चलने के बजाय अपने लक्ष्य को प्राथमिकता दी।

पहले प्रयास में प्रीलिम्स पास, दूसरे प्रयास में मिली UPSC में 466वीं रैंक

प्रीति यादव की UPSC सफलता को लेकर एक खास बात जानना जरूरी है। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा के पहले प्रयास में प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) पास कर ली थी, लेकिन मुख्य परीक्षा (Mains) में 21 अंकों से पीछे रह गई थीं। इसके बाद उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरे प्रयास में परीक्षा पास कर ऑल इंडिया रैंक 466 हासिल की।
इस सफलता के साथ उनका भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चयन हुआ और उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर मिला। वर्ष 2019 बैच की IPS अधिकारी प्रीति यादव ने कम उम्र में अपने सपने को हकीकत में बदल दिया।

सहारनपुर से शुरू हुआ पुलिस सेवा का सफर

IPS की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद प्रीति यादव की पहली तैनाती उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) के रूप में हुई। यहां उन्होंने फील्ड पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था से जुड़े कामों का अनुभव हासिल किया।

सहारनपुर में तैनाती के दौरान उन्होंने पुलिस और आम जनता के बीच संवाद बेहतर बनाने की दिशा में भी पहल की। पुलिस लाइन के पुराने कैफे का पुनरुद्धार कर ‘बेलआउट- द पुलिस कैफे’ शुरू कराया गया। इसका उद्देश्य पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों के बीच बातचीत और बेहतर संबंधों को बढ़ावा देना था।

महिला सुरक्षा और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भी संभाली जिम्मेदारी

प्रीति यादव ने अपने कार्यकाल के दौरान महिला सुरक्षा और साइबर सुरक्षा से जुड़े कामों में भी जिम्मेदारी निभाई। गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट में भी वह इन विभागों से जुड़ी जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं।पुलिसिंग के इन क्षेत्रों में उनका अनुभव अब नोएडा जोन-1 की नई जिम्मेदारी में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अब नोएडा जोन-1 की पहली महिला DCP बनीं

गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट में हालिया प्रशासनिक फेरबदल के तहत प्रीति यादव को नोएडा जोन-1 का पुलिस उपायुक्त (DCP) नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के साथ वह इस जोन की कमान संभालने वाली पहली महिला DCP बन गई हैं।उनकी यह उपलब्धि केवल एक प्रशासनिक पद पर नियुक्ति नहीं, बल्कि उस सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसकी शुरुआत एक पुलिसकर्मी की बेटी के सपने से हुई थी।

प्रीति यादव की कहानी बताती है कि सफलता के लिए केवल बड़े संसाधनों की नहीं, बल्कि स्पष्ट लक्ष्य, सही दिशा और लगातार मेहनत की जरूरत होती है। पिता की वर्दी से मिली प्रेरणा को उन्होंने अपनी मेहनत से एक नई पहचान में बदल दिया।

तथ्य संबंधी जरूरी सुधार: उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक प्रीति यादव ने UPSC में पहले प्रयास में प्रीलिम्स पास किया था, लेकिन मेन्स में 21 अंकों से चूक गई थीं। दूसरे प्रयास में AIR 466 हासिल की थी। इसलिए लेख में पहले प्रयास में पूरी UPSC परीक्षा पास करने का दावा नहीं किया गया है।

 

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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