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जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर के मैनेजर का झारखंड के जंगल में मिला शव, रांची से पटना जाने के क्रम में ट्रेन से हुए थे लापता

क्राइम न्यूज:  जन सुराज पार्टी की बड़ा झटका लगा है। प्रशांत किशोर पार्टी के मैनेजर का शव मिला है। ये घटना ऐसे समय में हुई है जब बिहार में MLC का चुनाव परिणाम आने थे। मालूम हो कि पटना से ट्रेन में सफर के दौरान  लापता हो गए थे।

जन सुराज पार्टी की संचार टीम से जुड़े डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपालिक गुप्ता की मौत की खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, पटना से ट्रेन में यात्रा के दौरान लापता हुए देवपालिक गुप्ता का शव झारखंड के एक जंगल में मिला है। वह प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी से जुड़े हुए थे।

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बताया गया है कि देवपालिक गुप्ता जन शताब्दी एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान उनके लापता होने की सूचना सामने आई थी। इसके बाद उनकी तलाश की जा रही थी। अब झारखंड के जंगल में उनका शव मिलने की खबर से मामला गंभीर हो गया है।

देवपालिक गुप्ता भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली के पूर्व छात्र भी थे। जन सुराज पार्टी में वह डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर के तौर पर काम कर रहे थे। यात्रा के दौरान उनका एक साथी भी था।

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जन सुराज के डिजिटल मीडिया हेड देवपालिक गुप्ता जी का शव जंगल के इलाके से बरामद किया गया है। यह खबर बेहद दुखद और चिंताजनक है।

बांकीपुर विधानसभा चुनाव के दौरान देवपालिक गुप्ता जी और उनकी टीम ने दिन-रात 24 घंटे मेहनत करके अन्य पार्टियों के नैरेटिव का मजबूती से मुकाबला किया था।उनकी मृत्यु के पीछे की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

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कैसे हुई मौत? उलझी गुत्थी

फिलहाल उपलब्ध जानकारी में उनकी मौत की परिस्थितियों, शव मिलने के सटीक स्थान और पुलिस जांच से जुड़े विस्तृत तथ्यों की पुष्टि नहीं हुई है। मौत के कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि ट्रेन से लापता होने के बाद देवपालिक गुप्ता झारखंड के जंगल तक कैसे पहुंचे और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। मामले में पुलिस जांच की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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