ब्रेकिंग- अनंत सिंह को जाना होगा जेल, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, हाईकोर्ट से मिली जमानत पर लगायी रोक, दुलारचंद यादव हत्याकांड मामला

नई दिल्ली/पटना। मोकामा के विधायक अनंत सिंह के अच्छे दिन चले गये हैं। दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने पटना हाईकोर्ट के जमानत आदेश पर रोक लगाते हुए अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही पुलिस को मामले की जांच चार महीने के भीतर पूरी करने का आदेश दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अनंत सिंह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं।
यह मामला दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार की याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया। नीरज कुमार ने पटना हाईकोर्ट से अनंत सिंह को मिली जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि हाईकोर्ट ने जमानत देते समय अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास और मामले की गंभीरता पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।
हत्या के मामले को राजनीतिक विवाद बताकर नहीं टाल सकते: सुप्रीम कोर्ट
दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह की जमानत रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता पर टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि हत्या जैसे गंभीर मामले को केवल राजनीतिक विवाद के नजरिए से नहीं देखा जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि फिलहाल मामले की जांच जारी है। आगे मुकदमे की सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान दर्ज होंगे और उनका परीक्षण किया जाएगा। अदालत ने पटना हाईकोर्ट के जमानत आदेश पर रोक लगाते हुए अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया। साथ ही जांच एजेंसी को चार महीने के भीतर जांच पूरी करने को कहा।
दुलारचंद यादव के पोते ने सुप्रीम कोर्ट में दी थी चुनौती
दरअसल, दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से मिली जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने अपनी याचिका में दलील दी थी कि अनंत सिंह के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, लेकिन हाईकोर्ट ने जमानत देते समय उनके आपराधिक इतिहास को पर्याप्त महत्व नहीं दिया।
इस मामले में बिहार की NDA सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास का हवाला दिया था। सरकार की ओर से हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न गंभीर मामलों का जिक्र किया गया था।
चुनाव प्रचार के दौरान हुई थी दुलारचंद यादव की हत्या
दुलारचंद यादव की हत्या 30 अक्टूबर 2025 को बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान हुई थी। उस समय अनंत सिंह जनता दल यूनाइटेड (JDU) के टिकट पर मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे थे। वहीं, दुलारचंद यादव जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे।
बताया गया था कि चुनाव प्रचार के दौरान दोनों पक्षों के काफिले आमने-सामने आ गए थे। इसके बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इसी दौरान गोली लगने से दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी। इस हत्याकांड में अनंत सिंह पर आरोप लगे थे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जेल में रहते हुए जीता चुनाव, मार्च में मिली थी जमानत
गिरफ्तारी के बावजूद अनंत सिंह ने जेल में रहते हुए मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव जीत लिया था। इसके बाद मार्च 2026 में पटना हाईकोर्ट ने उन्हें दुलारचंद यादव हत्याकांड में जमानत दे दी थी।हालांकि, जमानत मिलने के फैसले से दुलारचंद यादव का परिवार संतुष्ट नहीं था। उनके पोते नीरज कुमार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी और जमानत रद्द करने की मांग की।
अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाईकोर्ट के जमानत आदेश पर रोक लगाने और 1 दिसंबर तक सरेंडर करने के निर्देश के बाद अनंत सिंह की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। गौरतलब है कि 30 अक्टूबर 2026 को दुलारचंद यादव हत्याकांड की पहली बरसी भी है।












