छात्राओं के शादी पर लगा बैन: कॉलेज प्रबंधन ने जारी किया फरमान, एडमिशन के बाद छात्राओं ने की शादी, तो एडमिशन होगा रद्द, फरमान के बाद जांच के आदेश
Ban Imposed on Students' Marriages: College Management Issues Edict—Admission to be Cancelled if Students Marry After Enrollment; Inquiry Ordered Following the Decree.

Regional News: “पढ़ाई के दौरान अगर शादी की, तो कॉलेज से बाहर कर दिया जायेगा” सुनकर अगर आपको ये लग रहा हो, ये फरमान किसी तालिबानी देश से आया हो, तो आप बिल्कुल गलत हैं। ये आदेश एक बिहार के कॉलेज से जारी हुआ है। दरअसल गोपालगंज जिले के हथुआ स्थित जीएनएम नर्सिंग कॉलेज ने फरमान जारी किया है कि कॉलेज में एडमिशन के बाद शादी करना मना है। बकायदा ये तुगलकी फरमान लिखित तौर पर जारी किया गया है।
फरमान के तहत छात्राओं के लिए पढ़ाई के दौरान शादी करने पर सख्त रोक लगा दी गई है। कॉलेज प्रशासन ने साफ तौर पर निर्देश जारी किया है कि अगर कोई छात्रा कोर्स के दौरान शादी करती है, तो उसका नामांकन रद्द कर दिया जाएगा। इस आदेश का नोटिस कॉलेज परिसर की दीवारों पर चस्पा किया गया है, जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
शादी की तो एडमिशन होगा रद्द
कॉलेज प्रबंधन ने कहा है कि जीएनएम और एएनएम कोर्स में पढ़ाई कर रही छात्राएं तीन साल की पढ़ाई पूरी होने तक शादी नहीं कर सकेगी। अगर कोई छात्रा इस नियम का उल्लंघन करती है, तो उसका एडमिशन तत्काल प्रभाव से रद्द किया जा सकता है। हालांकि इस मामले में कॉलेज की प्राचार्या मानसी सिंह का कहना है कि यह फैसला व्यक्तिगत नहीं बल्कि विभागीय निर्देश के तहत लिया गया है। उन्होंने बताया कि नर्सिंग कोर्स पूरी तरह आवासीय होता है, जिसमें छात्राओं को हॉस्टल में रहकर नियमित प्रशिक्षण लेना पड़ता है। ऐसे में शादी होने पर पढ़ाई और ट्रेनिंग प्रभावित होने की संभावना रहती है। इसी कारण नामांकन के समय ही छात्राओं से एक घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर कराए जाते हैं।
ANM-GNM दोनों कोर्स में लागू नियम
बताया जा रहा है कि यह नियम सिर्फ जीएनएम ही नहीं, बल्कि एएनएम पाठ्यक्रमों में भी लागू है। यानी नर्सिंग से जुड़े सभी आवासीय कोर्स में पढ़ाई के दौरान शादी पर प्रतिबंध रहेगा। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। गोपालगंज के डीएम पवन कुमार सिन्हा ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने हथुआ एसडीएम को 24 घंटे के भीतर जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। डीएम ने कहा है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।









