झारखंड में संभल कर रहिये! साल भर में दोगुने हो गये शुगर-बीपी के मरीज, 30 साल के उम्र के बाद बढ़ा खतरा
Be careful in Jharkhand! The number of patients with diabetes and high blood pressure has doubled in a year; the risk increases after the age of 30.

रांची। झारखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी बहुत ही डरने वाली रिपोर्ट आई है। सर्वे में खुलासा हुआ है कि झारखंड में लगातार शुगर के मरीज बढ़ रहे हैं। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की हाल में जारी रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड में शुगर और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों की संख्या बढ़ी है। झारखंड में मधुमेह (शुगर) व हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) झारखंड की हालिया रिपोर्ट ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक वर्ष में शुगर और उच्च रक्तचाप के मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित एनसीडी (नॉन कम्युनिकेबल डिजीज) कार्यक्रम के तहत कराई गई जांच में यह खुलासा हुआ है कि जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि जांच का दायरा बढ़ने से मरीजों की समय रहते पहचान हो रही है, जिससे इलाज और नियंत्रण की संभावना भी बढ़ी है।
एक साल में दोगुने से ज्यादा मिले शुगर के मरीज
सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में राज्यभर में 30 लाख 45 हजार 750 लोगों की शुगर जांच की गई थी। इनमें 61 हजार 17 लोगों में मधुमेह की पुष्टि हुई थी।वहीं वर्ष 2025-26 में जांच का दायरा बढ़ाकर 40 लाख 7 हजार 710 लोगों तक पहुंचाया गया। इस दौरान 1 लाख 45 हजार 548 लोगों में शुगर की पुष्टि हुई। आंकड़े बताते हैं कि राज्य में मधुमेह रोगियों का प्रतिशत करीब 2 प्रतिशत से बढ़कर 3 प्रतिशत हो गया है।
हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों में भी बड़ा इजाफा
रिपोर्ट के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर के मामलों में भी तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2024-25 में 30 लाख 64 हजार 451 लोगों के रक्तचाप की जांच की गई थी, जिनमें 84 हजार 211 लोग हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित पाए गए थे। जबकि वर्ष 2025-26 में 40 लाख 31 हजार 159 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 2 लाख 21 हजार 335 नए मरीजों में उच्च रक्तचाप की पहचान हुई। इसके बाद इन मरीजों को इलाज और नियमित निगरानी के दायरे में लाया गया।
30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों पर विशेष फोकस
स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2025-26 में 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग कराई। इस अभियान के तहत शुगर, हाई ब्लड प्रेशर और अन्य गैर-संचारी रोगों की पहचान कर मरीजों को मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई।विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती उम्र, बदलती जीवनशैली, शारीरिक गतिविधियों में कमी, असंतुलित खानपान और तनाव जैसी वजहों से इन बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
समय पर पहचान और मुफ्त दवा से मिल रही राहत
एनसीडी कार्यक्रम के नोडल अधिकारियों के अनुसार, जांच का दायरा बढ़ने से बड़ी संख्या में मरीजों की शुरुआती चरण में पहचान हो रही है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त दवा और नियमित फॉलोअप की व्यवस्था के कारण कई मरीजों का शुगर और ब्लड प्रेशर स्तर नियंत्रित रखने में सफलता मिली है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने, संतुलित आहार अपनाने, रोजाना व्यायाम करने और तनाव से दूर रहने की सलाह दी है।








