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झारखंड राज्यसभा चुनाव: मुख्यमंत्री आवास में बनी रणनीति, 16-17 जून को होगी गठबंधन विधायकों की बैठक, वोट डालने की दी जायेगी ट्रेनिंग

Jharkhand Rajya Sabha Elections: Strategy formulated at the Chief Minister's residence; a meeting of alliance MLAs is scheduled for June 16–17, and training on the voting process will be provided.

रांची/15.6.26। झारखंड में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। लगातार बैठकों का दौर जारी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ कांग्रेस नेताओं की बैठक में राज्यसभा चुनाव के लिए संयुक्त रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक के बाद कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि इंडिया गठबंधन दोनों सीटों पर जीत दर्ज करेगा।बैठक के बाद कांग्रेस प्रभारी के राजू ने कहा कि महागठबंधन पूरी तरह एकजुट है और दोनों राज्यसभा सीटों पर जीत सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक रणनीति तैयार कर ली गई है।

16 और 17 जून को होगी गठबंधन विधायक दल की बैठक

राज्यसभा चुनाव से पहले महागठबंधन अपने सभी विधायकों को एकजुट रखने की कवायद में जुट गया है। इसी क्रम में 16 और 17 जून को मुख्यमंत्री आवास में गठबंधन विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। बताया जा रहा है कि बैठक में महागठबंधन के सभी 56 विधायक शामिल होंगे।बैठक के दौरान विधायकों को मतदान प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए मॉक पोल भी कराया जाएगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव में किसी प्रकार की तकनीकी गलती या क्रॉस वोटिंग की संभावना को रोकने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।

18 जून को होगा चुनाव, मैदान में तीन उम्मीदवार

झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए 18 जून को मतदान होना है। चुनावी मुकाबले में तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। महागठबंधन की ओर से बैद्यनाथ राम और प्रणव झा चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि एनडीए समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी भी मैदान में हैं।राजनीतिक समीकरणों के अनुसार बैद्यनाथ राम की जीत लगभग तय मानी जा रही है, क्योंकि झामुमो के पास पर्याप्त संख्या में विधायक हैं। असली मुकाबला दूसरी सीट को लेकर माना जा रहा है, जहां कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा और एनडीए समर्थित परिमल नाथवानी के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल सकती है।

दूसरी सीट पर रोचक मुकाबले के आसार

परिमल नाथवानी झारखंड की राजनीति में कोई नया नाम नहीं हैं। वे वर्ष 2008 और 2014 में झारखंड से राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। पिछली बार उन्होंने आंध्र प्रदेश से राज्यसभा का चुनाव जीता था। इस बार उन्होंने फिर से झारखंड से चुनावी मैदान में उतरकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दूसरी सीट के लिए मतों का अंतर काफी कम रह सकता है। ऐसे में प्रत्येक वोट महत्वपूर्ण हो गया है।

राजद की भूमिका पर टिकी निगाहें

महागठबंधन के लिए सबसे बड़ी चुनौती वोटों का प्रबंधन माना जा रहा है। चर्चा है कि झामुमो अपने प्रत्याशी बैद्यनाथ राम को प्रथम वरीयता के कम से कम 30 वोट दिलाने की रणनीति पर काम कर रही है, जबकि कांग्रेस को दूसरी सीट के लिए आवश्यक वोट जुटाने होंगे।इन वोटों में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के चार विधायक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि हाल के दिनों में राजद और कांग्रेस के बीच कुछ राजनीतिक मतभेदों की चर्चा रही है।

क्रॉस वोटिंग की चर्चाओं ने बढ़ाई चिंता

राजनीतिक गलियारों में क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। हालांकि महागठबंधन नेताओं का दावा है कि सभी सहयोगी दल एकजुट हैं और गठबंधन उम्मीदवारों को पूरा समर्थन मिलेगा।राजद नेतृत्व की ओर से जो भी निर्देश जारी होंगे, उसके अनुसार पार्टी विधायक मतदान करेंगे। वहीं भाकपा-माले के दो विधायकों का समर्थन भी इंडिया गठबंधन के उम्मीदवारों को मिलने की संभावना जताई जा रही है।
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अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं।
  • ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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