JSLPS में कब होगी 3 साल से ज्यादा जमे कर्मियों का ट्रांसफर और वित्तीय अनियमितता की जांच? कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री से की बड़ी मांग

रांची: झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग किया कि झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी, ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड द्वारा जारी वेतन बढ़ोतरी आदेश, जिसमें गरीब मूलनिवासी डाटा एंट्री ऑपरेटर संवर्ग एवं हाउस कीपर संवर्ग को वेतन बढ़ोतरी से वंचित कर दिया गया है, जो अन्यायपूर्ण है।
कर्मचारी विरोधी आदेश को महासंघ इसके लिए जोरदार आंदोलन, धरना-प्रदर्शन, हड़ताल की तैयारी कर रहा है। आदेश में सिर्फ एफटीई (फिक्स्ड टेन्योर एम्प्लाइज) को ही वेतन बढ़ोतरी की गई है, जबकि 10/15 वर्षों से कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर संवर्ग एवं हाउस कीपर संवर्ग को एक पैसा की भी बढ़ोतरी नहीं की गई है, जो सीधा-सीधा अन्याय है।
मॉडल एचआरएमएस में डाटा एंट्री ऑपरेटर संवर्ग का उल्लेख रहते हुए भी इन्हें वेतन बढ़ोतरी से वंचित किया गया।* दोनों संवर्गों के लोग जेएसएलपीएस द्वारा विधिवत नियुक्ति सरकारी प्रक्रिया के तहत की गई है। जेएसएलपीएस द्वारा जानबूझकर मनमाने कार्रवाई से आज तक इन दोनों संवर्गों को फिक्स्ड टेन्योर एम्प्लाइज के तहत घोषित नहीं किया गया।
महासंघ दस वर्षों से इन्हें एफटीई में जोड़ने की मांग करते रहा। विभागीय मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, सचिव तथा जेएसएलपीएस के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, ग्रामीण विकास विभाग झारखंड सरकार को भेजी गई कई पत्रों में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सरकार से महासंघ कई वर्षों से मुख्यमंत्री से उनके जायज मांगों को लागू करने का अनुरोध करते रहा है। इन लोगों के द्वारा सिर्फ झूठा आश्वासन महासंघ को दिया जा रहा था। आज सैकड़ों डाटा एंट्री ऑपरेटर संवर्ग एवं हाउस कीपर संवर्ग जेएसएलपीएस के रवैये से हताश एवं सरकार के प्रति आक्रोशित हैं।
दोनों संवर्गों के मांगों पर कार्रवाई हेतु मुख्यमंत्री द्वारा निर्देशित कई पत्र सचिव, ग्रामीण विकास विभाग झारखंड सरकार को भेजी गई, कोई कार्रवाई नहीं की गई। जेएसएलपीएस सिर्फ FTE को वेतन बढ़ोतरी की तो डाटा एंट्री ऑपरेटर संवर्ग एवं हाउस कीपर, ऑफिस बॉय, ऑफिस अटेंडेंट को मात्र 450 रुपये प्रतिदिन, वो भी सिर्फ कार्यदिवस में ही मानदेय मिलता है। कोई अवकाश नहीं दी जाती है। इस महंगाई में उनका जीवनयापन किस तरह से चलता होगा विचारणीय बिंदु है।
मुख्यमंत्री से इस संबंध में अविलंब हस्तक्षेप की मांग की है। मुख्यमंत्री के पत्र का कोई महत्व जेएसएलपीएस में नहीं दिया जा रहा है, ऐसा महासंघ को मानना है। वेतन बढ़ोतरी का आधार क्या है, जिस संवर्ग को नहीं दी गई, क्या वो संवर्ग मॉडल एचआरएमएस में उनके पद का उल्लेख नहीं है।
मुख्यमंत्री से वेतन बढ़ोतरी की जांच की मांग की है। दस वर्षों से जेएसएलपीएस में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर संवर्ग एवं हाउस कीपर संवर्ग को वेतन बढ़ोतरी से वंचित किया गया है।
झारखंड में 40,900 रुपये प्रतिमाह मानदेय डाटा एंट्री ऑपरेटर को दी जाती है और जेएसएलपीएस में मात्र 22,050 रुपये। झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि जेएसएलपीएस ग्रामीण विकास विभाग झारखंड की पूरी तरह से निष्पक्ष जांच की जाए। वंचित गरीब कमजोर संवर्गों का वेतन क्यों नहीं बढ़ोतरी की गई, अविलंब उन्हें भी 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाय। एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर को मॉडल एचआरएमएस के लेवल 7 में जोड़कर उनको इसका लाभ दिया जाए।
साथ ही तीन साल से ज्यादा एक ही जगह पद स्थापित रहे कर्मी को ट्रांसफर करने की भी मांग की।
महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह, अध्यक्ष देव नारायण सिंह मुंडा, सम्मानित अध्यक्ष मुक्तेश्वर लाल, मुख्य संरक्षक गणेश प्रसाद सिंह, घरभरन राम, डॉ. गणेश राम, बी. अगस्त क्रांति कुमार, कमलेश कुमार, रामाशीष पासवान आदि ने माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन, झारखंड सरकार से अविलंब हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।











