धनबाद में जापानी इंसेफ्लाइटिस का कहर: 1 बच्चे की मौत दूसरे की हालत गंभीर, रांची से आएगी स्वास्थ्य विभाग की टीम

Dhanbad: जिले में जापानी इंसेफ्लाइटिस (JE) का कहर बरपा है। जिसने 1 बच्चे में मौत हो गई जबकि दूसरे बच्चे की हालत गंभीर है। मामले के जानकारी होते ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। स्वास्थ्य विभाग के एक विशेष टीम रांची से धनबाद आएगी। जो आक्रांत बच्चे के प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेगी साथ ही समीक्षा करेगी। मालूम हो कि
नोडल अफसर डॉ रंजीत प्रसाद ने कहा…
राज्य के वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के स्टेट नोडल पदाधिकारी डॉ रंजीत प्रसाद ने बताया कि वह मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम पर आयोजित रीजनल कॉन्फ्रेंस में भाग लेने रायपुर आये हुए हैं. धनबाद में जापानी इंसेफ्लाइटिस से एक बच्चे की मौत और एक अन्य मरीज में JE की पुष्टि की जानकारी मिली है. इसे लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं.
उन्होंने बताया कि रांची से एक टीम धनबाद जाएगी और प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेगी. प्रभावित क्षेत्र में तुरंत मच्छर और लार्वा नाशी दवाओं के छिड़काव के आदेश दे दिए गए हैं. दूसरे संक्रमित बच्चे जिसका इलाज शहीद निर्मल महतो स्मारक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (SNMMCH) में चल रहा है, उसके स्वास्थ्य की जानकारी ली है. उस बच्चे के स्वास्थ्य में सुधार के संकेत हैं.
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और VBD, IDSP और धनबाद जिला के सिविल सर्जन को जरूरी निर्देश दिए गए हैं.मालूम हो कि मच्छर के काटने से होने वाली ये बीमारी का समय पर इलाज नहीं मिलने पर मौत भी हो सकती है।
कैसे होता है JE, कितना है घातक
इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम(IDSP) रांची के डॉ प्रवीण कर्ण ने बताया कि ‘जापानी इंसेफ्लाइटिस’ जिसे आम बोलचाल की भाषा में मस्तिष्क ज्वर कहा जाता है, यह क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है. विषाणुजनित यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति के मस्तिष्क के न्यूरॉन को भी प्रभावित करता है, इसलिए कई बार यह बेहद घातक हो जाता है. तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी, दौरे पड़ना, अत्यधिक सुस्ती, भ्रम और व्यवहार में बदलाव जैसे कई लक्षण दिखाई देते हैं. उन्होंने कहा कि कई बार यह खतरनाक रूप ले लेता है, इसलिए बुखार को सामान्य नहीं मानकर किसी योग्य चिकित्सक से दिखाकर इलाज कराना चाहिए.












