अंडा घोटाला: स्कूल में अंडा के नाम पर दिया जा रहा था बिस्कुट, DM के मिड डे मिल औचक निरीक्षण में थाली से गायब मिले अंडे.. खुली पोल
स्कूल में अंडा घोटाला! अंडे की जगह बिस्कुट, DM ने जब्त किए रजिस्टर

Mid Day Meal News: शिक्षा का अलख जगाने वाले विद्यालय में ही घोटाले की शिक्षा दी जा रही है। स्कूलों में मध्यान भोजन योजना भ्रष्ट्राचार का बड़ा अड्डा बनता जा रहा है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर प्रत्येक दिन पोषणयुक्त भोजन देने की कवायद की जा रही है परंतु स्कूल में अंडा के नाम पर बिस्कुट देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिसे खुद जिला के DM ने औचक निरीक्षण में पकड़ा।
मामला बिहार के शिवहर जिले के एक सरकारी स्कूल में बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन को लेकर गंभीर अनियमितता का है। आरोप है कि स्कूल में बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार अंडा देने के बजाय बिस्कुट खिलाया जा रहा था, जबकि स्कूल के रजिस्टर में अंडा वितरण का हिसाब दर्ज किया जा रहा था।
मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब जिलाधिकारी (DM) ने स्कूल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जब बच्चों से भोजन को लेकर जानकारी ली गई तो उन्होंने अंडे की जगह बिस्कुट दिए जाने की बात बताई। बच्चों की इस जानकारी के बाद स्कूल में मध्याह्न भोजन व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।
बच्चों के रजिस्टर में अंडे का हिसाब पर मिले बिस्कुट
सरकारी स्कूलों में बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मध्याह्न भोजन योजना चलाई जाती है। इसके तहत निर्धारित मेन्यू के अनुसार बच्चों को भोजन दिया जाना है। लेकिन शिवहर में सामने आए इस मामले ने व्यवस्था की निगरानी और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला शिवहर प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय कटसरी जागीर का है। 4 नवंबर को जिलाधिकारी प्रतिभा रानी औचक निरीक्षण करने पहुंची थीं। बच्चों की शिकायत के बाद उन्होंने हाजिरी रजिस्टर, मिड-डे मील स्टॉक रजिस्टर , कैश बुक और अन्य संबंधित फाइलें जब्त कर लीं। स्कूल में बच्चों की कम उपस्थिति और साफ-सफाई की स्थिति पर भी नाराजगी जताई।
अगर बच्चों को वास्तव में अंडे की जगह बिस्कुट दिए जा रहे थे और रिकॉर्ड में अंडा वितरण दिखाया जा रहा था, तो यह बच्चों के पोषण और सरकारी योजना के क्रियान्वयन में गंभीर गड़बड़ी का मामला हो सकता है।
अब कार्रवाई का इंतजार
DM के औचक निरीक्षण में मामला सामने आने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापक और जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि कितने दिनों से बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार अंडे नहीं दिए जा रहे थे और रजिस्टर में किस आधार पर अंडा वितरण दर्ज किया गया।
बच्चों के पोषण से जुड़ी योजना में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती है।अब आगे की कार्रवाई का इंतजार है।











