close
LIVE UPDATE

शिक्षकों पर लटकी दस्तावेज जांच की तलवार: विभाग ने दिया 1 महीने का अल्टीमेटम, मचा हड़कंप

The sword of document verification hangs over teachers: The department issued a one-month ultimatum, causing a stir.

Teacher News: शिक्षा विभाग के एक आदेश ने प्रदेश भर के शिक्षकों में हड़कंप मचा दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार फर्जी दस्तावेज के आधार पर नौकरी करने वाले शिक्षकों के विरुद्ध कई शिकायतें विभाग को प्राप्त है रही थी। जिसके बाद  विभाग ने कार्यरत सभी शिक्षकों के प्रमाणपत्र/ दस्तावेज जांच के आदेश जारी कर दिए हैं । जारी आदेश के शिक्षक भागदौड़ में लगे है।इसमें कई उर्दू शिक्षक भी शामिल है जो उर्दू शिक्षक के नाम पर सामान्य स्कूल में नौकरी कर रहे हैं।

बिहार शिक्षा विभाग ने राज्य में BPSC (बिहार लोक सेवा आयोग) के माध्यम से नियुक्त हुए हजारों शिक्षकों को लेकर एक बड़ा आदेश जारी किया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन आर. ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को पत्र लिखकर TRE-1, TRE-2 और TRE-3 के तहत बहाल हुए शिक्षकों की योग्यता और दस्तावेजों की जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। वर्तमान समय में TRE 1 से पहले नियुक्त शिक्षकों की दस्तावेज जांच प्रक्रियाधीन है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कई शिक्षक उर्दू शिक्षक के रूप में बहाल होकर भी अपनी सुविधानुसार सामान्य स्कूल में कार्य कर रहे हैं,जहां न तो उर्दू के विद्यार्थी हैं ,न ही उर्दू बहुल क्षेत्र।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

एक महीने के भीतर रिपोर्ट तलब

विभाग द्वारा जारी पत्र (पत्रांक 3340, दिनांक 21-11-2025) के अनुसार, सभी जिलों को एक महीने के अंदर जांच पूरी करके विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होगी। शिक्षा विभाग ने इस कार्य को ‘सर्वोच्च प्राथमिकता’ देने का निर्देश दिया है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

फर्जीवाड़ा पकड़े जाने पर होगी सख्त कार्रवाई

पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि जांच के दौरान किसी शिक्षक के प्रमाण पत्र जाली या गलत पाए जाते हैं, तो उन पर कड़ी कार्रवाई होगी:

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

  1. नियुक्ति रद्द: तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा।
  2. वेतन वसूली: अब तक सरकार द्वारा दिए गए वेतन की पूरी राशि ‘बिहार एंड उड़ीसा पब्लिक डिमांड रिकवरी एक्ट, 1914’ के तहत वसूल की जाएगी।
  3. कानूनी कार्रवाई: संबंधित शिक्षक के खिलाफ कानूनी केस भी दर्ज किया जाएगा।

नियम क्या कहता है?

विभाग ने ‘बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक नियमावली, 2023’ के नियम-9 का हवाला दिया है। इसके तहत नियुक्ति प्राधिकार का दायित्व है कि नियुक्ति पत्र देने से पहले प्रमाण पत्रों की जांच हो। हालांकि, कार्यहित में औपबंधिक (Provisional) नियुक्ति पत्र दिए गए थे, लेकिन अब निर्धारित समय-सीमा के भीतर सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है।

यहां देखें आदेश…

img 20260107 wa0008 - Image generated by AI for representational purposes.
img 20260107 wa0008 – Image generated by AI for representational purposes.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *