झारखंड: मुख्यमंत्री ने ली शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक, शिक्षकों की भर्ती पर दिये अहम निर्देश, सरकारी स्कूलों को हाईटेक बनाने व 5000 स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनेंगे
Jharkhand: Chief Minister chairs review meeting of Education Department, gives important instructions on teacher recruitment, makes government schools hi-tech and establishes 5000 Schools of Excellence

रांची/27.5.26। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्थाओं, आधारभूत संरचनाओं और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ पारदर्शिता के साथ समय पर छात्र-छात्राओं तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार झारखंड के बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सरकारी स्कूलों में आधुनिक सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के साथ-साथ आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी स्कूलों में इंटरनेट सुविधा सुनिश्चित की जाए और आईसीटी लैब को दुरुस्त किया जाए, ताकि बच्चों को डिजिटल शिक्षा का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार का असर अब परीक्षा परिणामों में भी दिखाई देने लगा है। सरकारी स्कूलों के छात्र बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन रिजल्ट को और बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण और शिक्षण गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता शिक्षकों के सभी रिक्त पदों को भरना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को तेज किया जाए।मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में हजारों शिक्षकों की नियुक्ति हुई है और आगे भी भर्ती प्रक्रिया जारी रहेगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि नव नियुक्त शिक्षकों के सभी वेरिफिकेशन कार्य इस माह के अंत तक पूरे कर लिए जाएं, ताकि उन्हें समय पर वेतन मिल सके।उन्होंने अधिकारियों को अगले 6 से 8 महीनों के भीतर यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि राज्य का कोई भी विद्यालय सिंगल टीचर के भरोसे न चले।
ड्रॉप आउट मामलों में सुधार, राष्ट्रीय औसत से बेहतर झारखंड
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा में ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। इस मामले में झारखंड राष्ट्रीय औसत से बेहतर स्थिति में है।शिक्षा विभाग अभियान चलाकर स्कूल छोड़ चुके बच्चों का पुनः नामांकन सुनिश्चित कर रहा है।
5 हजार सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाकर 5 हजार करने की कार्ययोजना पर तेजी से काम किया जाए। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए यह कदम बेहद जरूरी है।उन्होंने विद्यालय प्रबंधन समितियों से समन्वय स्थापित कर स्थानीय शिक्षित युवाओं को शिक्षण कार्य से जोड़ने का भी सुझाव दिया।
आवासीय विद्यालयों में बेहतर सुविधाओं पर फोकस
मुख्यमंत्री ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत अभिवंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में ऐसे 26 आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जहां करीब 4 हजार बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, आवास और भोजन की सुविधा दी जा रही है।
खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खेलों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाने के लिए विशेष योजना बनाई जाए।अधिकारियों ने बताया कि स्कूलों में बच्चों को स्पोर्ट्स किट उपलब्ध कराई जा रही है और राष्ट्रीय विद्यालय खेल प्रतियोगिताओं में झारखंड की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय के लिए डीपीआर एक सप्ताह में देने के निर्देश
बैठक में जगुआर कैंपस, रांची में प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय की स्थापना को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष विद्यालय निर्माण से संबंधित प्रस्तुतीकरण दिया।मुख्यमंत्री ने इस परियोजना की डीपीआर एक सप्ताह के भीतर राज्य सरकार को सौंपने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि यह विद्यालय शहीद पुलिस कर्मियों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किया जा रहा है।बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, बुंडू के प्रबंधन से भी बातचीत की और वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।









