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झारखंड में स्वास्थ्यकर्मियों का क्यों अटका है वेतन? जानिये क्या है असली वजह, NHM, ASHA वकर्स को इतने दिन करना होगा इंतजार

रांची में NHM के 15 हजार कर्मियों का मानदेय और 42 हजार सहिया की प्रोत्साहन राशि तकनीकी गड़बड़ी के कारण अटकी। SNA Sparsh और e-voucher सिस्टम फेल।NHM मानदेय भुगतान, SNA Sparsh फेल, Jharkhand health workers salary, सहिया प्रोत्साहन राशि, e-voucher payment issue, DBT payment problem Jharkhand

रांची। झारखंड में राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान (NHM) के स्वास्थ्यकर्मियों को अब तक वेतन नहीं मिल सका है। राज्य में इस वक्त करीब 15 हजार से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मी कार्यरत है, जो पिछले कई महीनों से मानदेय के इंतजार में है।सिर्फ स्वास्थ्यकर्मी ही नहीं, राज्यभर की लगभग 42.5 हजार सहिया (ASHA वर्कर्स) की प्रोत्साहन राशि भी अटकी हुई है।

हालांकि स्वास्थ्य विभाग की जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा सभी जिलों को मानदेय और प्रोत्साहन राशि पहले ही हस्तांतरित कर दी गई है, लेकिन तकनीकी गड़बड़ियों के कारण भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह बाधित हो गई है।

SNA Sparsh और e-Voucher सिस्टम है परेशानी की जड़

इधर, भुगतान में देरी का मुख्य कारण नया डिजिटल पेमेंट सिस्टम ई-वाउचर प्रणाली और SNA Sparsh प्लेटफॉर्म को बताया जा रहा है।वित्त विभाग के निर्देशानुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 से सभी भुगतान ई-साइन आधारित पेपरलेस प्रक्रिया के तहत SNA Sparsh के माध्यम से करना अनिवार्य कर दिया गया है।हालांकि, जमीनी स्तर पर यह व्यवस्था पूरी तरह फेल साबित हो रही है।

DDO लॉगिन में डेटा नहीं, DBT सिस्टम ठप

स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक, कई जिलों में डीडीओ (Drawing and Disbursing Officer) के लॉगिन में जरूरी डेटा ही दिखाई नहीं दे रहा है।इसके अलावा, आधार आधारित DBT (Direct Benefit Transfer) प्रणाली भी SNA Sparsh प्लेटफॉर्म के जरिए सुचारू रूप से काम नहीं कर पा रही है, जिससे भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई है।

पहले बजट देरी, अब तकनीकी बाधा

इससे पहले मार्च 2026 में बजट आवंटन में देरी के कारण भुगतान प्रभावित हुआ था।हालांकि 1 जून को राज्य स्तर से बजट जारी कर सभी जिलों को राशि ट्रांसफर कर दी गई, लेकिन इसके बावजूद तकनीकी समस्याओं ने भुगतान प्रक्रिया को फिर से रोक दिया।

स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है असर

इधर, मानदेय भुगतान नहीं होने से स्वास्थ्यकर्मियों सहित अन्य कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। कई कर्मचारी संगठनों ने भी ज्ञापन सौंपकर अपनी नाराजगी जतायी है और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। जाहिर है मानदेय और प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने से स्वास्थ्य कर्मियों में नाराजगी बढ़ रही है। कर्मचारियों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका सीधा असर पड़ सकता है, क्योंकि सहिया और NHM कर्मी जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं।

हालांकि मौजूदा वक्त की बात करें तो झारखंड में डिजिटल पेमेंट सिस्टम लागू करने की कोशिश फिलहाल स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। सरकार को जल्द तकनीकी खामियों को दूर कर हजारों कर्मियों का लंबित भुगतान सुनिश्चित करना होगा, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं।
  • ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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