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Hazaribagh News: दुनिया के सबसे महंगे मियाजाकी आम की चोरी, डेढ़ किलो आम की कीमत 4 लाख रुपये, जानिये क्या है इसकी खासियत

झारखंड के हजारीबाग के बड़कागांव में किसान के बाग से डेढ़ किलो मियाजाकी आम चोरी हो गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 4 लाख रुपये बताई जा रही है।

हजारीबाग। डेढ़ लाख रुपये किलो वाले आम को चोरों ने बगीचे से पार कर दिया। बगीचे मालिक का आरोप है कि करीब चार लाख रुपये के आम की चोरी हुई है। मामला झारखंड के हजारीबाग जिले के बड़कागांव का है। जहां ये चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां किसान के बाग से दुनिया के सबसे महंगे आमों में गिने जाने वाले मियाजाकी आम की चोरी हो गई है।

बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ किलो मियाजाकी आम गायब हुआ है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 4 लाख रुपये आंकी जा रही है।घटना के बाद पूरे इलाके में इस महंगे आम की चर्चा हो रही है। आम की कीमत सुनकर स्थानीय लोग भी हैरान हैं और पूछ रहे हैं कि क्या एक आम की कीमत लाखों रुपये तक हो सकती है।

मदर प्लांट से हुई चोरी

इस संबंध में बड़कागांव निवासी कृषक प्रवीण कुमार महतो ने बताया कि उनके मदर प्लांट से लगभग डेढ़ किलो मियाजाकी आम चोरी हो गया। हालांकि खबर लिखे जाने तक इस संबंध में बड़कागांव थाना में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।

किसान का कहना है कि चोरी की यह घटना बेहद हैरान करने वाली है, क्योंकि आमतौर पर लोगों को इस दुर्लभ किस्म के आम की पहचान तक नहीं होती। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि चोर को मियाजाकी आम के बारे में इतनी सटीक जानकारी कैसे मिली।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों की कीमत

प्रवीण महतो के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में मियाजाकी आम की कीमत बहुत अधिक होती है। उपलब्ध बाजार दर के अनुसार चोरी हुए डेढ़ किलो आम की अनुमानित कीमत करीब 4 लाख रुपये है।स्थानीय लोगों को जब इस आम की कीमत का पता चला तो वे दंग रह गए। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक उन्होंने सोना, चांदी या नकदी की चोरी की घटनाएं सुनी थीं, लेकिन लाखों रुपये के फल की चोरी पहली बार देख रहे हैं।

कोलकाता से खरीदे थे पौधे

किसान ने बताया कि लगभग दो साल पहले वे कोलकाता से मियाजाकी आम के दो पौधे लेकर आए थे। दोनों पौधों की कीमत करीब 2,400 रुपये थी। इसके बाद उन्होंने अपने बाग में विशेष देखभाल के साथ इन्हें तैयार किया।प्रवीण महतो ने बताया कि पिछले वर्ष पहली बार उन्हें इस आम का स्वाद चखने का अवसर मिला था और इसकी गुणवत्ता से वे काफी प्रभावित हुए थे। उनका कहना है कि उन्होंने इसे व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि बागवानी के शौक के कारण लगाया था।

झारखंड में बढ़ रही मियाजाकी आम की चर्चा

पिछले कुछ वर्षों में झारखंड में मियाजाकी आम की खेती को लेकर किसानों की रुचि बढ़ी है। कई किसान इस विदेशी किस्म की खेती के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। ऐसे समय में बड़कागांव की यह घटना राज्यभर में चर्चा का विषय बन गई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़कागांव में पहली बार किसी ने इतने दुर्लभ और महंगे फल को निशाना बनाया है।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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