close
LIVE UPDATE

परिवहन विभाग घोटाला : झारखंड में ड्राइविंग लाइसेंस-आरसी प्रिंटिंग को लेकर नया विवाद, बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार से मांगा जवाब

झारखंड परिवहन विभाग पर बाबूलाल मरांडी के गंभीर आरोप, बिना वैध अनुबंध करोड़ों का भुगतान? हेमंत सरकार से मांगा जवाब

झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने परिवहन विभाग में ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी कार्ड प्रिंटिंग का काम करने वाली कंपनी को बिना वैध अनुबंध करोड़ों रुपये के भुगतान का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूरे मामले पर जवाब और उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।

रांची: झारखंड की राजनीति में एक बार फिर सरकारी कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा नेता एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से परिवहन विभाग में ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी कार्ड की प्रिंटिंग से जुड़े कार्यों को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मरांडी ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में दावा किया कि झारखंड में ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी कार्ड की प्रिंटिंग का कार्य करने वाली गुरुग्राम स्थित रोजमार्टा कंपनी के साथ राज्य सरकार का अनुबंध 22 फरवरी 2026 को समाप्त हो गया था। इसके बाद कंपनी को केवल 22 मार्च 2026 तक का विस्तार दिया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक्सटेंशन अवधि समाप्त होने के बाद भी पिछले लगभग तीन महीनों से वही कंपनी बिना किसी वैध अनुबंध के काम कर रही है और परिवहन विभाग द्वारा उसे करोड़ों रुपये का भुगतान भी किया जा रहा है।

20260705 232242
20260705 232242

मरांडी ने सरकार से पूछे ये सवाल

बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि यदि कंपनी का अनुबंध समाप्त हो चुका था, तो किस नियम के तहत उसे भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि इस व्यवस्था को किस अधिकारी ने मंजूरी दी, क्या वित्त विभाग को इसकी जानकारी है और क्या इस संबंध में सक्षम प्राधिकारी या कैबिनेट से स्वीकृति ली गई थी।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी सामान्य ठेकेदार का अनुबंध समाप्त हो जाए तो क्या उसे बिना नए एग्रीमेंट के सरकारी कार्य करने की अनुमति दी जाती है। यदि ऐसा नहीं है, तो रोजमार्टा कंपनी को यह विशेष छूट क्यों दी गई और इसके पीछे किसका संरक्षण है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

 

उच्चस्तरीय जांच की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इस कथित अनियमितता की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर मामले को सीमित नहीं किया जाना चाहिए।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *