रांची में इनकाउंटर: प्रिंस खान-सुजीत सिन्हा गैंग की साजिश नाकाम, पुलिस मुठभेड़ में शिवा डोम घायल, 4 हथियार बरामद
रांची में बड़ी वारदात की साजिश नाकाम। धनबाद, रांची और रामगढ़ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा गैंग के अपराधियों से मुठभेड़, शिवा डोम घायल, एक गिरफ्तार, 4 हथियार और 60 कारतूस बरामद।

रांची/रामगढ़। रांची में इनकाउंटर की खबर आ रही है। एक कुख्यात बदमाश को मुठभेड़ के दौरान गोली लगी है। झारखंड में संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बताया जा रहा है कि गैंगस्टर प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा गिरोह के अपराधी रांची में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे, लेकिन समय रहते पुलिस को इसकी भनक लग गई। इसके बाद धनबाद, रांची और रामगढ़ पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर गिरोह की साजिश को विफल कर दिया।
कई दिनों से चल रही थी रेकी
दरअसल दोनों गैंग की गतिविधि को लेकर पुलिस को सूचना मिली थी कि गिरोह के सदस्य पिछले एक-दो दिनों से संभावित वारदात के लिए रेकी कर रहे थे। अपराधियों ने घटना को अंजाम देने के लिए बिहार से हथियार भी मंगवाए थे। सूचना के आधार पर पुलिस लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी।
भरकुंडा में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़
संयुक्त कार्रवाई के दौरान रामगढ़ जिले के भरकुंडा ओपी क्षेत्र में पुलिस ने अपराधियों को घेर लिया। इधर, खुद को घिरता देख अपराधियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में कुख्यात अपराधी शिवराज उर्फ शिवा डोम, जो कुजू ओपी क्षेत्र का रहने वाला है, के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। हालांकि पुलिस ने घेराबंदी जारी रखी, लेकिन इस दौरान कुछ और बदमाश मौके से फरार हो गये।
एक और अपराधी गिरफ्तार
मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने गिरोह के एक अन्य सदस्य आरिज, जो भरकुंडा ओपी क्षेत्र का निवासी है, को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का मानना है कि यह कार्रवाई प्रिंस खान गिरोह के लिए बड़ा झटका साबित होगी। बताया जा रहा है कि पुलिस को पूछताछ में कुछ अहम सुराग मिल सकता है।
चार हथियार और 60 जिंदा कारतूस बरामद
जानकारी के मुताबिक, पुलिस गिरफ्तार अपराधी को हथियार बरामदगी के लिए लेकर जा रही थी। इसी दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों ने पुलिस पर हमला कर दिया। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके से चार हथियार और 60 राउंड जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
गिरोह की गतिविधियों की जांच जारी
पुलिस अब गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ कर रही है। आशंका है कि गिरोह किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा था। पुलिस पूरे नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई और अन्य फरार अपराधियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।







