रांची: रात में सांप मारकर सोये पिता-पुत्र की सुबह होते-होते मौत, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

रांची। पिता-पुत्र की रहस्यमयी मौत ने हर किसी को हैरान कर दिया। रात में सांप को मारकर सोये बाप-बेटे सुबह मृत मिले। इस रहस्यमीय मौत को लेकर अब चौकाने वाली जानकारी सामने आ रही है। मामला झारखंड के रांची स्थित अनगड़ा की बतायी जा रही है। अनगड़ा प्रखंड स्थित बैजनाथ टाटा गांव में सर्पदंश की हृदयविदारक घटना सामने आई है। विषैले करैत सांप के डंसने से पिता और पुत्र की मौत हो गई।
मिली जानकारी के मुताबिक, बैजनाथ टाटा के रहने वाले सुधीर महतो (35) रविवार रात अपने 10 वर्षीय पुत्र रितेश महतो के साथ पुराने खपरैल मकान में जमीन पर बिस्तर लगाकर सो रहे थे। भीषण गर्मी के कारण दोनों वहां सोने गए थे। देर रात एक विषैले करैत सांप ने गहरी नींद में सोये पिता-पुत्र को काट लिया।
बताया जाता है कि सांप के डंसने के बाद दोनों की नींद खुली और उन्होंने सांप को देखा। सुधीर महतो ने साहस दिखाते हुए सांप को मार दिया, लेकिन उन्हें यह एहसास नहीं हुआ कि सांप उन्हें और उनके पुत्र को काट चुका है। इसी भ्रम में दोनों दोबारा सो गए। सुबह अचानक दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी।
परिजन उन्हें इलाज के लिए स्वर्णरेखा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए रिम्स रेफर कर दिया गया। हालांकि रिम्स पहुंचने से पहले ही रास्ते में पिता-पुत्र की मौत हो गई। मृतक सुधीर महतो रांची के रानीबगान स्थित एक संस्थान में कार्यरत थे, जबकि उनका पुत्र रितेश बलदेव चिल्ड्रेन स्कूल का छात्र था।
सुधीर अपने पीछे पत्नी और छह वर्षीय पुत्री को छोड़ गए हैं। एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं गांववाले भी सदमे में हैं। इधर, पोस्टमार्टम के बाद दोनों शवों का अंतिम संस्कार लालगढ़ मुक्तिधाम में किया गया। गांव में शव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। ग्रामीणों के अनुसार, सुबह हादसे की खबर मिलने के बाद पूरे गांव में मातम छा गया।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने राज्य सरकार से पीड़ित परिवार को शीघ्र मुआवजा देने की अपील की है। उल्लेखनीय है कि सर्पदंश से मृत्यु होने पर राज्य सरकार की ओर से चार लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है।









