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रांची में हाई अलर्ट! सिविल कोर्ट के बाद अब समाहरणालय को बम से उड़ाने की धमकी, धमकी में ‘सल्फर नाइट्रेट बम ‘ का किया जिक्र

Ranchi on high alert! After the civil court, the Collectorate is now under bomb threat, with the threat referring to a "sulfur nitrate bomb."

रांची/12.2.26:राजधानी रांची में प्रशासनिक भवनों को निशाना बनाने की धमकियों का सिलसिला थम नहीं रहा है। 6 फरवरी को सिविल कोर्ट को उड़ाने की धमकी मिलने के बाद, अब रांची के कचहरी चौक स्थित समाहरणालय (Collectorate) भवन को बम से उड़ाने की धमकी मिली है।

​इस धमकी के बाद रांची पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में बम निरोधक दस्ते (BDS) को मौके पर बुलाया गया, जो फिलहाल पूरे परिसर की सघन जांच कर रहा है।

ईमेल के जरिए मिली धमकी, ‘सल्फर नाइट्रेट’ बम का जिक्र

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह धमकी भी पिछले मामले की तरह ईमेल के माध्यम से दी गई है। ईमेल भेजने वाले ने दावा किया है कि रांची के समाहरणालय भवन को ‘सल्फर नाइट्रेट बम’ से उड़ा दिया जाएगा। इस विशिष्ट विस्फोटक का नाम सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं।

जांच में जुटी पुलिस, अब तक क्या मिला?

रांची कोतवाली के डीएसपी प्रकाश सोय ने पुष्टि की है कि धमकी भरे ईमेल की जांच की जा रही है।

  • ​सूचना मिलते ही पूरे समाहरणालय परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई।
  • ​बीडीएस (Bomb Disposal Squad) की टीम चप्पे-चप्पे की तलाशी ले रही है।
  • ​राहत की बात यह है कि अभी तक की जांच में कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है।

क्यों अहम है समाहरणालय भवन?

रांची समाहरणालय प्रशासनिक दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण है। यहाँ जिले के शीर्ष अधिकारियों के कार्यालय हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • ​रांची उपायुक्त (DC)
  • ​वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP)
  • ​सिटी एसपी और ग्रामीण एसपी
  • ​दर्जन भर अन्य वरीय प्रशासनिक अधिकारी

​ऐसे में यहाँ सुरक्षा चूक की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जा सकती।

6 फरवरी को सिविल कोर्ट को भी मिली थी धमकी

यह पहली बार नहीं है जब रांची में ऐसा ईमेल आया हो। इससे ठीक पहले 6 फरवरी को रांची सिविल कोर्ट को भी इसी तरह बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। उस वक्त झारखंड जगुआर के बम निरोधक दस्ते ने लगातार दो दिनों तक कोर्ट परिसर में सर्च ऑपरेशन चलाया था, हालांकि तब भी कोई विस्फोटक नहीं मिला था।

​पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या दोनों धमकियों के पीछे एक ही व्यक्ति या गिरोह का हाथ है। साइबर सेल ईमेल के आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रेस करने में जुटी है।

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