close
LIVE UPDATE

झारखंड शिक्षक भर्ती : JSSC ने माध्यमिक आचार्य संयुक्त परीक्षा के री-एग्जाम की डेट की जारी, जानिये कब होगी ये परीक्षा, आयोग ने जारी की अधिसूचना

Jharkhand Teacher Recruitment: JSSC has released the re-exam date for the Secondary Teacher Combined Examination. Find out when this exam will be held. The Commission has issued a notification.

JSSC ने तकनीकी गड़बड़ी के कारण प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए प्रश्न पत्र-11 की पुनर्परीक्षा 8 मई 2026 को रांची में आयोजित करने का फैसला किया है।
________________________________________
JSSC Teacher Exam। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने झारखंड प्रशिक्षित माध्यमिक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2025 को लेकर एक अहम निर्णय लिया है। आयोग ने उन अभ्यर्थियों को राहत देते हुए पुनर्परीक्षा आयोजित करने की घोषणा की है, जिन्हें परीक्षा प्रक्रिया के दौरान तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा था।

आयोग ने बताया है कि कुछ अभ्यर्थियों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें उत्तर-पत्रक देखने, औपचारिक उत्तर कुंजी तक पहुंचने और ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करने के दौरान पोर्टल पर “Suspicious Activity/Unauthorized Access” जैसे तकनीकी त्रुटि संदेश दिखाई दिए। इस समस्या के कारण वे अपनी आपत्तियां दर्ज नहीं कर पाए और पूरी प्रक्रिया बाधित हो गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने विस्तृत समीक्षा की। जांच में यह पाया गया कि यह समस्या कुछ विशेष अभ्यर्थियों तक सीमित थी, लेकिन इससे उनकी परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हुई। ऐसे में आयोग ने निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रश्न पत्र-11 की पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय लिया है।

नई तिथि के अनुसार, यह पुनर्परीक्षा 8 मई 2026 को रांची में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस पुनर्परीक्षा में केवल वही अभ्यर्थी शामिल होंगे, जिन्हें तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ा था।

पुनर्परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) अलग से जारी किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें, ताकि उन्हें समय पर सभी आवश्यक सूचनाएं प्राप्त हो सकें। आयोग ने यह भी कहा है कि परीक्षा से संबंधित सभी अपडेट और निर्देश वेबसाइट पर ही प्रकाशित किए जाएंगे।

JSSC का यह फैसला अभ्यर्थियों के हित में है और इससे परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहेगी। प्रतियोगी परीक्षाओं में तकनीकी गड़बड़ियों के चलते कई बार अभ्यर्थियों को नुकसान उठाना पड़ता है, ऐसे में आयोग द्वारा पुनर्परीक्षा का निर्णय एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं।
  • ईमेल: amitabh@hpbltop.com

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *