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शिक्षकों की वेतन का अब तक नहीं निकला हल, आठ माह से तंगहाली में रहने को हैं मजबूर, शिक्षक संघ ने खोला मोर्चा

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Jharkhand Teacher News झारखंड में शिक्षकों की वेतन की समस्या का हल अब तक नहीं मिल पाया है। प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में नव नियुक्त सहायक आचार्यों को पिछले आठ माह से वेतन नहीं मिला है। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि हजारों शिक्षक आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं और उनके सामने परिवार चलाना तक मुश्किल हो गया है।

इधर, संघ के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद ने बताया कि सितंबर और दिसंबर 2025 में दो चरणों में झारखंड में सहायक आचार्यों की नियुक्ति हुई थी। लेकिन, नियुक्त हुए सहायक आचार्यों को अब तक वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। विभाग की ओर से प्रमाण पत्र सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने को इसका कारण बताया जा रहा है।

21 हजार से अधिक शिक्षक प्रभावित

इस मुददे को लेकर संघ ने बताया कि वर्ग एक से पांच तक के करीब 10 हजार तथा वर्ग छह से आठ तक के लगभग 11 हजार शिक्षक वेतन भुगतान से वंचित हैं। लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण शिक्षकों के समक्ष गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।उन्होंने कहा कि परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जरूरतों को पूरा करना शिक्षकों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। कई शिक्षकों को उधार लेकर जीवनयापन करना पड़ रहा है, जबकि अब दुकानदारों ने भी उधारी देना बंद कर दिया है।

शपथ पत्र के आधार पर भुगतान की मांग

संघ ने कहा कि पूर्व में भी नियुक्त शिक्षकों के प्रमाण पत्र सत्यापन लंबित रहने की स्थिति में शपथ पत्र लेकर वेतन भुगतान किया गया था। ऐसे में वर्तमान शिक्षकों को भी इसी व्यवस्था के तहत वेतन दिया जाना चाहिए।

शिक्षा विभाग पर लापरवाही का आरोप

शिक्षक संघ का आरोप है कि वेतन भुगतान को लेकर कई बार विभाग का ध्यान आकृष्ट कराया गया और मांग पत्र भी सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। संघ ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही और अफसरशाही का आरोप लगाया है।नसीम अहमद ने कहा कि डिजिटल युग में भी शिक्षकों को लगभग एक वर्ष तक वेतन नहीं मिलना शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने कहा कि शिक्षक पूरी निष्ठा से विद्यालयों में शैक्षणिक कार्य कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर विभाग संवेदनशील नजर नहीं आ रहा है।संघ ने राज्य सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप कर लंबित वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि हजारों शिक्षकों और उनके परिवारों को राहत मिल सके।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं।
  • ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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